कवर्धा में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का समापन, विधायक भावना बोहरा ने खिलाड़ियों को किया सम्मानित
कवर्धा के स्वामी करपात्री जी मैदान में आयोजित 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का समापन समारोह उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में पंडरिया विधायक भावना बोहरा शामिल हुईं। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न संभागों से आए विजेता एवं उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। खेल के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। विधायक ने कहा कि खेल विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास के साथ अनुशासन, टीम भावना तथा आत्मविश्वास को बढ़ावा देते हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l स्वामी करपात्री जी मैदान, कवर्धा में आयोजित 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का समापन समारोह उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में पंडरिया विधायक भावना बोहरा शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के विभिन्न संभागों से आए उत्कृष्ट एवं विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया और प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी खिलाड़ियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। साथ ही खेल के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी सम्मानित कर उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।
खिलाड़ियों को सम्मानित कर बढ़ाया उत्साह
समापन समारोह में विभिन्न संभागों से आए खिलाड़ियों की खेल प्रतिभा और उपलब्धियों को प्रोत्साहित किया गया। विधायक भावना बोहरा ने विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए कहा कि खेल प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती हैं। ऐसे आयोजन बच्चों में प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने के साथ उन्हें अनुशासन, परिश्रम और निरंतर अभ्यास के महत्व से भी परिचित कराते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने और अपने विद्यालय, जिले तथा प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
खेल शारीरिक और मानसिक विकास का माध्यम
अपने उद्बोधन में भावना बोहरा ने कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये विद्यार्थियों के मानसिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेलों से अनुशासन, टीम भावना, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। मैदान में खिलाड़ी संघर्ष करना, एक-दूसरे का सहयोग करना और हार-जीत को सहजता से स्वीकार करना सीखते हैं। ये गुण विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने में भी सहायता करते हैं।
उन्होंने कहा कि शालेय स्तर पर आयोजित होने वाली ऐसी प्रतियोगिताएं बच्चों की प्रतिभा को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए उचित मंच उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। खेलों के प्रति रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास और समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
सेवानिवृत्त शिक्षकों के योगदान का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देने में विशेष योगदान करने वाले सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। शिक्षकों की भूमिका विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा को निखारने और उन्हें अनुशासित खिलाड़ी बनाने में महत्वपूर्ण होती है। उनके अनुभव और मार्गदर्शन से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है। समारोह में शिक्षकों के योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।
जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और खिलाड़ियों की रही उपस्थिति
समापन समारोह में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक साहू, पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू, मोतीराम चंद्रवंशी और पंडरिया जनपद अध्यक्ष नंदिनी साहू सहित वरिष्ठजन, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, शिक्षकगण एवं खिलाड़ी उपस्थित रहे। सभी ने प्रतियोगिता के आयोजन और विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के महत्व पर जोर दिया।
26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का समापन खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन और शिक्षकों के सम्मान के साथ हुआ। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को खेलों के प्रति जागरूक रहने, अनुशासन अपनाने और अपनी प्रतिभा को निरंतर निखारने का संदेश दिया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के लिए यह अनुभव भविष्य में खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा बनेगा।