बेमेतरा के चिंताराम पटेल का राजधानी रॉयल्स में चयन, छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में दिखाएंगे दम
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के ग्राम मुड़पार निवासी प्रतिभाशाली हॉकी खिलाड़ी चिंताराम पटेल का चयन छत्तीसगढ़ हॉकी लीग 2026 की प्रतिष्ठित टीम राजधानी रॉयल्स में हुआ है। ग्रामीण परिवेश में सीमित संसाधनों के बीच मिट्टी के मैदान पर अभ्यास करने वाले चिंताराम 21 अक्टूबर से 1 नवंबर तक रायपुर में आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। वे प्रतिदिन साइकिल से बारगांव के खेल मैदान पहुंचकर हॉकी का अभ्यास करते हैं। इससे पहले वे राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण और कांस्य पदक जीतने के साथ नेशनल स्कूल गेम्स में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचल में सीमित संसाधनों के बीच मेहनत, लगन और जुनून के दम पर सफलता हासिल करने वाले बेमेतरा जिले के होनहार हॉकी खिलाड़ी चिंताराम पटेल ने जिले का नाम रोशन किया है। ग्राम मुड़पार निवासी चिंताराम का चयन छत्तीसगढ़ की पहली और सबसे बड़ी छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (CHL) में प्रतिष्ठित टीम राजधानी रॉयल्स के लिए हुआ है। रायपुर में 21 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक आयोजित होने वाली इस लीग में चिंताराम अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, विद्यालय और पूरे ग्रामीण क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
मिट्टी के मैदान पर अभ्यास कर हासिल किया मुकाम
आधुनिक खेल सुविधाओं और एस्ट्रो टर्फ मैदानों के दौर में चिंताराम ने गांव के साधारण मिट्टी के मैदान पर अभ्यास करके यह उपलब्धि हासिल की है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटाया और लगातार मेहनत करते रहे। उनका सफर उन ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो सुविधाओं की कमी के कारण अपने सपनों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करते हैं।
प्रतिदिन तीन किलोमीटर साइकिल चलाकर पहुंचते हैं अभ्यास करने
चिंताराम पटेल ग्राम मुड़पार के निवासी हैं। वे प्रतिदिन साइकिल से करीब तीन किलोमीटर की दूरी तय कर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बारगांव के खेल मैदान में अभ्यास करने पहुंचते हैं। यहां व्यायाम शिक्षिका एवं हॉकी कोच तुलसी साहू के मार्गदर्शन में वे नियमित प्रशिक्षण लेते हैं। अनुशासन, निरंतर अभ्यास और खेल के प्रति समर्पण ने उनकी प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
किसान पिता के सपने को दी नई उड़ान
चिंताराम के पिता देवसिंह पटेल किसान हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। ग्रामीण परिवेश और सीमित सुविधाओं के बीच चिंताराम ने हॉकी को अपना लक्ष्य बनाया। उनके पिता का सपना था कि बेटा बड़ी प्रतियोगिताओं में खेलकर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन करे। राजधानी रॉयल्स में चयन के साथ चिंताराम ने अपने पिता के सपने को नई उड़ान दी है।
राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर दिखा चुके हैं प्रतिभा
चिंताराम इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। वर्ष 2026 में बिलासपुर में आयोजित 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा हॉकी प्रतियोगिता में उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। सत्र 2025-26 में रांची, झारखंड में आयोजित 69वें नेशनल स्कूल गेम्स में उन्होंने छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा वर्ष 2025 में कोरबा में आयोत 25वीं राज्य स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की।
कोच और विद्यालय परिवार ने जताई खुशी
चिंताराम की उपलब्धि पर विद्यालय के प्राचार्य श्याम सिंह ने इसे विद्यालय और पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि चिंताराम ने साबित किया है कि दृढ़ संकल्प और मेहनत के सामने संसाधनों की कमी बाधा नहीं बन सकती। संकुल समन्वयक सुरेन्द्र पटेल ने भी उनके चयन को पूरे संकुल और ग्रामीण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। वहीं, कोच तुलसी साहू ने उनकी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, खेल के प्रति समर्पण और कभी हार न मानने वाले जज्बे को दिया।
चिंताराम पटेल के राजधानी रॉयल्स में चयन से क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है। विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, खेल प्रेमियों और ग्रामीणों ने उन्हें बधाई देते हुए छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में शानदार प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी हैं। अब सभी की निगाहें रायपुर में होने वाली प्रतियोगिता पर हैं, जहां चिंताराम अपनी प्रतिभा के दम पर नई उपलब्धि हासिल करने का प्रयास करेंगे।