सिंगरौली बैंक लूटकांड का कथित मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 90 किलो से अधिक सोने की लूट के मामलों का खुलासा
मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में महाराष्ट्र बैंक में हुई दिनदहाड़े लूट के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कथित मास्टरमाइंड पीयूष जायसवाल को गिरफ्तार किया है, जो पहले से ओडिशा की जेल में बंद था। उसे प्रोडक्शन वारंट पर सिंगरौली लाया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की संलिप्तता वर्ष 2021 से विभिन्न राज्यों में 90 किलो से अधिक सोने की लूट की वारदातों में सामने आई है। इस मामले में अब तक कुल नौ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस गिरोह के नेटवर्क और लूटे गए सोने के ठिकानों का पता लगाने के लिए पूछताछ कर रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. आदर्श तिवारी, सिंगरौली l मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में महाराष्ट्र बैंक में दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज लूट के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस वारदात की साजिश में कथित रूप से शामिल मास्टरमाइंड पीयूष जायसवाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, 17 अप्रैल को हथियार के बल पर बैंक में लूट की घटना को अंजाम दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बिहार के पटना निवासी 26 वर्षीय पीयूष जायसवाल पहले से ओडिशा की जेल में बंद था। सिंगरौली पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई है। आरोपी से पूछताछ के माध्यम से बैंक लूटकांड की साजिश, वारदात में शामिल अन्य लोगों और लूटे गए सोने के संबंध में जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस का दावा है कि आरोपी बिहार का सूचीबद्ध डकैत है और वर्ष 2021 से अब तक अलग-अलग राज्यों में सोने की लूट की कई वारदातों में उसकी संलिप्तता सामने आई है। इन मामलों में 90 किलो से अधिक सोने की लूट का उल्लेख किया गया है। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2022 में राजस्थान में 24 किलो सोना और नकदी लूटने की घटना के बाद कटनी और जयपुर में भी करीब 22 किलो सोने की लूट से जुड़े मामलों में आरोपी की भूमिका सामने आई है। इन घटनाओं और आरोपी की कथित संलिप्तता की विस्तृत जानकारी पुलिस की जांच का हिस्सा है।
सिंगरौली पुलिस अधीक्षक षियाज के.एम. के निर्देशन में गठित पुलिस टीम इस मामले की जांच कर रही थी। पुलिस के अनुसार, बैंक लूटकांड में अब तक कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस विभिन्न राज्यों में सक्रिय गिरोह के सदस्यों के आपसी संपर्क, वारदात की योजना और लूटे गए सोने को ठिकाने लगाने के संभावित तरीकों की पड़ताल कर रही है।
इस गिरफ्तारी को अंतरराज्यीय लूट गिरोह के खिलाफ पुलिस की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। हालांकि, मामले में आरोपी की भूमिका और अन्य घटनाओं से उसके संबंधों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियों का प्रयास है कि बैंक लूटकांड से जुड़े सभी पहलुओं का खुलासा हो और गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों तक पहुंचा जा सके। इस मामले में पुलिस अधीक्षक षियाज के.एम. का आधिकारिक बयान भी महत्वपूर्ण रहेगा, जिससे गिरफ्तारी और जांच की प्रगति के संबंध में अधिक जानकारी सामने आ सकती है।