माल ढुलाई से SECR रेलवे की कमाई ₹30,410 करोड़, यात्री सुविधाओं पर मनोज सिंह ठाकुर ने उठाए सवाल

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) की माल ढुलाई से होने वाली कमाई और यात्री सुविधाओं को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता एवं समाजसेवी मनोज सिंह ठाकुर ने सवाल उठाए हैं। आरटीआई से प्राप्त जानकारी का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में रेलवे ने माल ढुलाई से 30,410.30 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की, जबकि यात्री किराये से आय 1,417.95 करोड़ रुपये रही। उन्होंने ट्रेनों के लगातार रद्द होने, दैनिक यात्रियों के लिए वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था नहीं होने और रद्द ट्रेनों के आंकड़े उपलब्ध नहीं कराने पर आपत्ति जताई। ठाकुर ने यात्री सुविधाएं बहाल नहीं होने पर आंदोलन और हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने की चेतावनी दी है।

Oct 16, 2026 - 16:45
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माल ढुलाई से SECR रेलवे की कमाई ₹30,410 करोड़, यात्री सुविधाओं पर मनोज सिंह ठाकुर ने उठाए सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) में यात्री ट्रेनों के निरस्तीकरण और यात्रियों को होने वाली परेशानियों को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता एवं समाजसेवी मनोज सिंह ठाकुर ने रेलवे प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। सूचना का अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे की प्राथमिकता माल ढुलाई से राजस्व अर्जित करने पर अधिक है, जबकि यात्री सुविधाओं और ट्रेनों के निरस्तीकरण से प्रभावित लोगों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

मनोज सिंह ठाकुर के अनुसार, SECR रेलवे के आधिकारिक आंकड़ों में वित्तीय वर्ष 2022-23 में माल ढुलाई से 26,581.30 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की गई, जबकि यात्री किराये से आय 1,131.92 करोड़ रुपये रही। वर्ष 2023-24 में माल ढुलाई से 27,794.61 करोड़ रुपये और यात्री किराये से 1,280.73 करोड़ रुपये की आय हुई। वर्ष 2024-25 में माल ढुलाई से 29,372.43 करोड़ रुपये तथा यात्री किराये से 1,330.70 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की गई।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में माल ढुलाई से रेलवे की आय बढ़कर 30,410.30 करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि यात्री किराये से 1,417.95 करोड़ रुपये की कमाई हुई। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 में अगस्त 2026 तक माल ढुलाई से 13,105.74 करोड़ रुपये की आय दर्ज होने की जानकारी दी गई है। इन आंकड़ों के आधार पर ठाकुर ने सवाल उठाया कि रेलवे से बड़े पैमाने पर राजस्व अर्जित होने के बावजूद स्थानीय यात्रियों को नियमित और सुविधाजनक रेल सेवाएं क्यों नहीं मिल पा रही हैं।

दैनिक यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने का दावा

मनोज सिंह ठाकुर ने आरटीआई के जवाब के बिंदु क्रमांक चार का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रभावित दैनिक यात्रियों के लिए अलग वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराए जाने की जानकारी रेलवे ने लिखित रूप में दी है। उनके मुताबिक, पैसेंजर और मेमू ट्रेनों के रद्द होने से नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और मरीजों को आवागमन में परेशानी होती है। ऐसी स्थिति में यात्रियों को निजी बसों और टैक्सियों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उनका खर्च बढ़ जाता है।

रद्द ट्रेनों के आंकड़ों को लेकर भी सवाल

ठाकुर ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 से 2026 के बीच रद्द की गई ट्रेनों की कुल संख्या और उनके कारणों की जानकारी मांगने पर संबंधित विभागों से स्पष्ट विवरण नहीं मिला। उन्होंने रेलवे प्रशासन से पारदर्शिता बरतने और यात्रियों को समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है।

आंदोलन और हाईकोर्ट में PIL की चेतावनी

मनोज सिंह ठाकुर ने मांग की कि लोकल, पैसेंजर और मेमू ट्रेनों का परिचालन जल्द बहाल किया जाए तथा प्रभावित दैनिक यात्रियों के लिए वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यात्री सुविधाओं में सुधार नहीं हुआ, तो आम जनता और दैनिक यात्रियों को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) भी दायर की जाएगी।

यह जानकारी मनोज सिंह ठाकुर की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति और उनके द्वारा बताए गए आरटीआई जवाब पर आधारित है। रेलवे प्रशासन का पक्ष और संबंधित आंकड़ों का स्वतंत्र सत्यापन सामने आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।