माहवारी पर चुप्पी तोड़ने की पहल, धमतरी में 30 हजार महिलाओं-बालिकाओं तक पहुंचेगा स्वच्छता का संदेश
धमतरी जिले में सेवा संकल्प अभियान के तहत माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभियान शुरू किया गया। नगरी के श्रृंगी ऋषि आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में बाला संस्था और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की पहल से रियूजेबल सेनेटरी पैड यानी बाला किट वितरण अभियान की शुरुआत हुई। जिले की 181 महिलाओं को स्वास्थ्य प्रशिक्षक के रूप में तैयार किया गया है। अभियान के माध्यम से करीब 30 हजार महिलाओं और बालिकाओं तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करने और माहवारी से जुड़ी झिझक को दूर करने के उद्देश्य से जिले में एक विशेष पहल शुरू की गई है। सेवा संकल्प अभियान के तहत गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को नगरी के श्रृंगी ऋषि आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में जागरूकता एवं रियूजेबल सेनेटरी पैड वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल के माध्यम से जिले की करीब 30 हजार महिलाओं और बालिकाओं तक स्वच्छता एवं सुरक्षित मासिक धर्म प्रबंधन का संदेश पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम में कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग और जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा सहित जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की। आयोजन के दौरान रियूजेबल सेनेटरी पैड यानी बाला किट वितरण अभियान की शुरुआत की गई। इसका उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों को माहवारी के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, सुरक्षित प्रबंधन अपनाने और स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी उपलब्ध कराना है।
181 महिलाएं बनीं स्वास्थ्य प्रशिक्षक
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के नेतृत्व और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा के मार्गदर्शन में धमतरी जिले में बाला संस्था तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के संयुक्त प्रयास से यह पहल संचालित की जा रही है। अभियान के अंतर्गत जिले की 181 महिलाओं को स्वास्थ्य प्रशिक्षक के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। ये महिलाएं गांवों और समुदायों में जाकर दूसरी महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म स्वास्थ्य, स्वच्छता तथा सुरक्षित प्रबंधन के बारे में जानकारी देंगी।
प्रशिक्षित महिलाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में माहवारी से जुड़े भ्रम और संकोच को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही किशोरियों को अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर खुलकर बात करने और जरूरत पड़ने पर उचित मार्गदर्शन लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
30 हजार महिलाओं-बालिकाओं तक पहुंचेगी पहल
इस अभियान के माध्यम से जिले की लगभग 30 हजार महिलाओं और बालिकाओं तक रियूजेबल सेनेटरी पैड पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बाला किट के उपयोग से महिलाओं को स्वच्छ मासिक धर्म प्रबंधन में सहायता मिलने के साथ बार-बार डिस्पोजेबल पैड खरीदने के खर्च में भी राहत मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि माहवारी कोई शर्म या संकोच का विषय नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। इसके बावजूद कई महिलाएं और किशोरियां इस विषय पर खुलकर चर्चा नहीं कर पातीं। जानकारी के अभाव में उनके मन में कई सवाल और शंकाएं बनी रहती हैं। ऐसे में सही जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना जरूरी है।
स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता पर जोर
अभियान के माध्यम से महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, सुरक्षित तरीकों को अपनाने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रशिक्षित स्वास्थ्य प्रशिक्षक समुदाय के बीच संवाद स्थापित कर इस विषय को सामान्य चर्चा का हिस्सा बनाने में भूमिका निभाएंगी।
बाला संस्था और एनआरएलएम की इस संयुक्त पहल का उद्देश्य केवल सेनेटरी पैड उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी देकर उन्हें अधिक जागरूक और आत्मविश्वासी बनाना भी है। अभियान के जरिए धमतरी जिले में माहवारी से जुड़ी चुप्पी तोड़ने और सुरक्षित मासिक धर्म प्रबंधन की दिशा में सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।