गिलहरी की तरह छोटा योगदान भी समाज के लिए बड़ा: हरदीप सलूजा, ‘हमर पहुना’ में साझा किए जीवन और समाजसेवा के अनुभव
बिलासपुर प्रेस क्लब के परंपरागत कार्यक्रम ‘हमर पहुना’ में लायंस क्लब बिलासपुर के अध्यक्ष हरदीप सिंह सलूजा ने अपने जीवन, संघर्ष और समाजसेवा के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि रामसेतु निर्माण में गिलहरी के योगदान की तरह हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार समाज की मदद कर सकता है। उन्होंने बताया कि लायंस क्लब ने वर्तमान सत्र में अब तक 29 सेवा गतिविधियां आयोजित की हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण और जरूरतमंदों की सहायता को संस्था की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।
UNITED NEWS OF ASIA. विशु तिवारी, बिलासपुर। समाजसेवा के लिए हमेशा बड़े संसाधनों या बड़े काम की जरूरत नहीं होती। अपनी क्षमता के अनुसार किसी जरूरतमंद के जीवन में छोटा सा बदलाव लाना भी महत्वपूर्ण योगदान है। रामसेतु निर्माण में गिलहरी के योगदान की तरह हर व्यक्ति अपनी सामर्थ्य के अनुसार समाज की सेवा कर सकता है। यह बात लायंस क्लब बिलासपुर के अध्यक्ष हरदीप सिंह सलूजा ने गुरुवार को बिलासपुर प्रेस क्लब के परंपरागत कार्यक्रम ‘हमर पहुना’ में कही। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों के साथ अपने बचपन, पारिवारिक पृष्ठभूमि, व्यवसाय और समाजसेवा से जुड़े अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम में प्रेस क्लब की ओर से अतिथियों का पुष्पगुच्छ, सफेद वस्त्र और प्रतीक चिह्न भेंटकर स्वागत किया गया। संवाद के दौरान सलूजा ने लायंस क्लब की स्थापना, संस्था की गतिविधियों और समाज के विभिन्न वर्गों के लिए किए जा रहे सेवा कार्यों की जानकारी दी।
62 साल से समाजसेवा में सक्रिय लायंस क्लब
हरदीप सलूजा ने बताया कि लायंस क्लब बिलासपुर की स्थापना 20 दिसंबर 1964 को हुई थी। छह दशक से अधिक समय से संस्था स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण और जरूरतमंदों की सहायता के क्षेत्र में कार्य कर रही है। उनके अनुसार, वर्तमान सत्र में अब तक 29 सेवा गतिविधियां आयोजित की जा चुकी हैं। इनमें स्वास्थ्य जांच शिविर, चिकित्सकों और सीए का सम्मान, पौधरोपण, जनजागरूकता अभियान तथा जरूरतमंदों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना शामिल है।
उन्होंने बताया कि 2 से 8 अक्टूबर तक आयोजित सेवा सप्ताह के दौरान जिला अस्पताल में फल वितरण किया गया। मातृछाया में राशन और आवश्यक सामग्री पहुंचाई गई। आंगनबाड़ी बच्चों को भोजन तथा मूक-बधिर बच्चों को टिफिन और पानी की बोतलें दी गईं। ज्येष्ठ नागरिक संघ को खेल सामग्री, जरूरतमंद बस्तियों में राशन और वृद्धाश्रम में कपड़े वितरित किए गए। गुरुवार को गनियारी अस्पताल में तीन मेडिकल बेड, व्हीलचेयर, राशन, फल और कपड़े उपलब्ध कराए गए।
श्मशान के बीच स्कूल देखकर उठाई बाउंड्रीवाल की जरूरत
सलूजा ने समाजसेवा के दौरान सामने आए अनुभवों का उल्लेख करते हुए बताया कि एक गांव में श्मशान घाट के बीच स्कूल संचालित होते देख वे विचलित हुए। छोटे बच्चों के सामने अंतिम संस्कार की प्रक्रिया और सुरक्षा से जुड़ी परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने संबंधित स्तर पर स्कूल के लिए बाउंड्रीवाल की आवश्यकता रखने की बात कही। उन्होंने मूक-बधिर बच्चों और मातृछाया में किए गए सेवा कार्यों से जुड़े अनुभवों को भी भावुक करने वाला बताया। उनके अनुसार, किसी जरूरतमंद तक सहायता पहुंचने के बाद उसके चेहरे पर दिखने वाली संतुष्टि ही सेवा की सबसे बड़ी प्रेरणा है।
2008 में बिलासपुर आए, शुरू किया होटल व्यवसाय
अपने जीवन के बारे में बताते हुए सलूजा ने कहा कि उनका जन्म मुंगेली के आगे ग्राम कुंडा में हुआ। उनका परिवार व्यवसाय के साथ पत्रकारिता और सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़ा रहा है। उन्होंने ग्राम कुंडा में शिक्षा प्राप्त करने के बाद सीएमडी कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की। वर्ष 2008 में वे बिलासपुर आए और होटल व्यवसाय शुरू किया। उन्होंने बताया कि व्यस्त व्यावसायिक जीवन के बीच भी समाजसेवा के लिए समय निकालने का प्रयास करते हैं। वर्ष 1995 में उनका विवाह हुआ और उनके दो बच्चे हैं।
स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण पर रहेगा फोकस
हरदीप सलूजा ने कहा कि आने वाले समय में लायंस क्लब स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तीकरण और मानवसेवा के क्षेत्र में अपनी गतिविधियों का विस्तार करेगा। उन्होंने सेवा कार्यों को समाज तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया और पत्रकारों तथा क्लब के सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में प्रेस क्लब अध्यक्ष अजीत मिश्रा, उपाध्यक्ष विजयकांति तिवारी, सह सचिव हरिकिशन गंगवानी, लायंस क्लब सचिव मनीष चंदेल, कोषाध्यक्ष सीए रौनक अग्रवाल, संचालक श्रीकांत सहारे, डॉ. अरुण शुक्ला, मोहन होनप, डॉ. राजेश दुबे, सागरी सहित प्रेस क्लब के पदाधिकारी, लायंस क्लब के सदस्य और वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित रहे।