57वीं GST Council के सुधारों का छत्तीसगढ़ चेम्बर ने किया स्वागत, छोटे व्यापारियों को राहत की उम्मीद

57वीं GST Council की बैठक में प्रस्तावित प्रक्रियागत और अनुपालन सुधारों का छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने स्वागत किया है। चेम्बर अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि सरल रिटर्न, तेज रिफंड, छोटे कारोबारियों के लिए आसान प्रक्रियाएं और जांच व्यवस्था में सुधार से व्यापारियों, MSME, रिटेलर्स और स्टार्टअप्स को लाभ मिल सकता है।

Oct 9, 2026 - 11:32
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57वीं GST Council के सुधारों का छत्तीसगढ़ चेम्बर ने किया स्वागत, छोटे व्यापारियों को राहत की उम्मीद

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l 57वीं GST Council की बैठक में व्यापार और उद्योग जगत से जुड़ी विभिन्न मांगों को ध्यान में रखते हुए किए गए प्रक्रियागत एवं अनुपालन सुधारों का छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने स्वागत किया है। चेम्बर अध्यक्ष सतीश थौरानी ने इन निर्णयों को देश के व्यापारियों, रिटेलर्स, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) और स्टार्टअप्स के लिए राहत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि GST व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल बनाने से कारोबार करने में आने वाली प्रक्रियागत कठिनाइयों को कम करने में मदद मिल सकती है।

सतीश थौरानी ने कहा कि GST पंजीयन, रिटर्न, रिफंड, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC), अनुपालन और प्रवर्तन प्रक्रियाओं में सुधार व्यापारिक समुदाय की लंबे समय से चली आ रही अपेक्षाओं से जुड़े हैं। उनके अनुसार, ₹5 करोड़ तक के टर्नओवर वाले उपभोक्ता-केंद्रित छोटे व्यवसायों के लिए वैकल्पिक सरल रिटर्न व्यवस्था से कर संबंधी औपचारिकताओं को पूरा करना आसान हो सकता है। इससे छोटे व्यापारियों के समय और अनुपालन लागत में कमी आने की उम्मीद है।

चेम्बर अध्यक्ष ने अभियोजन की सीमा ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ किए जाने तथा GST अधिकारियों की गिरफ्तारी संबंधी शक्ति को हटाने की सिफारिश का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सामान्य दंड की राशि में कमी और कम राशि वाले मामलों में नोटिस संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाने से ईमानदारी से कारोबार करने वाले करदाताओं को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिल सकती है। हालांकि, इन प्रावधानों का वास्तविक प्रभाव संबंधित निर्णयों के अंतिम स्वरूप और उनके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

उन्होंने तेज रिफंड व्यवस्था को व्यापारियों और निर्यातकों के लिए महत्वपूर्ण बताया। रिफंड दावों के शीघ्र निपटारे तथा पात्र दावों के सिस्टम आधारित जोखिम मूल्यांकन से कार्यशील पूंजी की उपलब्धता बेहतर हो सकती है। इससे कारोबारियों को अपने दैनिक व्यापारिक खर्चों, खरीद और अन्य व्यावसायिक जरूरतों के लिए धन की उपलब्धता बनाए रखने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

थौरानी ने ई-कॉमर्स के माध्यम से कारोबार करने वाले छोटे विक्रेताओं के लिए दूसरे राज्यों में व्यापार करने की प्रक्रिया आसान बनाने के निर्णय का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे छोटे कारोबारियों को अपने उत्पाद व्यापक बाजार तक पहुंचाने और नए ग्राहकों से जुड़ने का अवसर मिल सकता है। साथ ही, माल परिवहन के दौरान जांच और वाहन निरीक्षण को अधिक लक्षित एवं इंटेलिजेंस आधारित बनाने से अनावश्यक रोक-टोक और माल की आवाजाही में होने वाली देरी कम हो सकती है।

सतीश थौरानी ने कहा कि GST व्यवस्था का उद्देश्य केवल राजस्व संग्रह तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें पारदर्शिता, सरलता और कारोबारियों के प्रति विश्वास भी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और GST Council के सदस्यों के प्रति आभार जताया। चेम्बर को उम्मीद है कि इन सुधारों के प्रभावी क्रियान्वयन से छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को मजबूती मिलेगी तथा देश में व्यापारिक गतिविधियों को गति देने में सहायता होगी।

नोट: यह समाचार चेम्बर की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। इसमें बताए गए निर्णयों और प्रस्तावों की अंतिम स्थिति तथा लागू होने की तारीख संबंधित आधिकारिक अधिसूचनाओं से स्पष्ट होगी।