धमतरी में ‘बने खाबो, बने रहिबो 2.0’ अभियान का शुभारंभ, रक्षाबंधन को लेकर सात दिवसीय खाद्य जांच शुरू

धमतरी जिले में रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए ‘बने खाबो, बने रहिबो 2.0’ थीम पर सात दिवसीय सघन खाद्य जांच एवं जनजागरूकता अभियान शुरू किया गया है। 17 से 23 अगस्त तक चलने वाले अभियान में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, खाद्य पदार्थों के नमूने और स्वच्छता संबंधी जांच की जा रही है। पहले दिन गोपी डेयरी से खोवा और बेसन से बनी मिठाइयों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।

Aug 19, 2026 - 11:00
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धमतरी में ‘बने खाबो, बने रहिबो 2.0’ अभियान का शुभारंभ, रक्षाबंधन को लेकर सात दिवसीय खाद्य जांच शुरू

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने तथा रक्षाबंधन पर्व के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में ‘बने खाबो, बने रहिबो 2.0’ थीम पर सात दिवसीय सघन खाद्य जांच एवं जनजागरूकता अभियान शुरू किया गया है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार यह अभियान 17 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक जिलेभर में संचालित किया जा रहा है।

अभियान के पहले दिन खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला धमतरी की टीम ने थोक मिष्ठान्न निर्माताओं और खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, भंडारण व्यवस्था और निर्माण की परिस्थितियों की जांच की गई। टीम ने गोपी डेयरी से खोवा तथा बेसन से निर्मित मिठाइयों के नमूने संकलित किए। इन नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आयुक्त खाद्य सुरक्षा दीपक कुमार अग्रवाल के निर्देशानुसार संचालित इस अभियान का उद्देश्य खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम और संबंधित नियमों के प्रति जागरूक करना तथा जिले में सुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री सुनिश्चित करना है। त्योहारों के दौरान मिष्ठान्न, खोवा, बेसन, दुग्ध और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की संभावनाओं को देखते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच, नमूना संकलन और जनजागरूकता गतिविधियों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने खाद्य कारोबारकर्ताओं को वर्षा ऋतु के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। खाद्य सामग्री को खुले में रखकर उसका भंडारण या विक्रय नहीं करने, निर्माण में गुणवत्तापूर्ण कच्ची सामग्री का इस्तेमाल करने तथा खाद्य निर्माण और विक्रय के दौरान हेड कैप, ग्लव्स सहित आवश्यक स्वच्छता मानकों का पालन करने पर जोर दिया गया है।

खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, उचित तापमान और सुरक्षित भंडारण व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता भी बताई गई है। विभाग का कहना है कि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने से उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के साथ खाद्य कारोबारियों में भी जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी।

विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे लाइसेंसी या पंजीकृत खाद्य कारोबारकर्ताओं से ही खाद्य सामग्री खरीदें। खरीदारी के समय पैकिंग, निर्माण एवं उपयोग की अंतिम तिथि, गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच करें। खुले में रखी, अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार की गई या संदिग्ध गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री खरीदने से बचें।

किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर नागरिक संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को इसकी जानकारी दे सकते हैं। विभाग द्वारा उपभोक्ताओं से भी खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और सुरक्षित खाद्य सामग्री के चयन में सावधानी बरतने की अपील की गई है।

अभियान के आगामी दिनों में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण और खाद्य पदार्थों के नमूने लेने की कार्रवाई जारी रहेगी। इसके साथ ही उपभोक्ताओं और खाद्य कारोबारियों के बीच सुरक्षित खाद्य पदार्थों को लेकर जागरूकता गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

‘बने खाबो, बने रहिबो 2.0’ अभियान का उद्देश्य सुरक्षित भोजन, स्वस्थ परिवार और जागरूक समाज की दिशा में सामूहिक सहभागिता को बढ़ावा देना है। रक्षाबंधन जैसे त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग की जांच और जागरूकता गतिविधियां पूरे अभियान अवधि में जारी रहेंगी।