शेयर ट्रेडिंग में 4% मासिक मुनाफे का झांसा देकर 3.12 करोड़ की ठगी, मुख्य आरोपी इंदौर से गिरफ्तार

धमतरी पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग में प्रतिमाह 4 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर निवेशकों से 3 करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी करने के मामले में फरार मुख्य आरोपी विक्रम सिंह शाह को मध्यप्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ‘वेल्थ ट्रैकर’ कार्यालय के माध्यम से निवेशकों को स्टाम्प पेपर पर इकरारनामा और सिक्योरिटी चेक देकर भरोसे में लेता था। उसके कब्जे से दो मोबाइल, एक टैबलेट और निवेश संबंधी दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

Oct 31, 2026 - 07:40
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शेयर ट्रेडिंग में 4% मासिक मुनाफे का झांसा देकर 3.12 करोड़ की ठगी, मुख्य आरोपी इंदौर से गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l शेयर मार्केट में निवेश कर प्रतिमाह 4 प्रतिशत मुनाफा कमाने का लालच देकर निवेशकों से करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी करने के मामले में धमतरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस प्रकरण के फरार मुख्य आरोपी विक्रम सिंह शाह को मध्यप्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, अब तक की जांच में आरोपी द्वारा 3 करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी किए जाने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में आर्थिक अपराधों में संलिप्त आरोपियों की तलाश की जा रही थी। इसी दौरान सिटी कोतवाली धमतरी पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर लोगों से रकम लेने और मुनाफा देने का झांसा देने वाले आरोपी की पतासाजी शुरू की।

मामले की शुरुआत बालोद जिले के गुरूर निवासी 62 वर्षीय शिवकुमार साहू की शिकायत से हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी विक्रम सिंह शाह ने कलेक्ट्रेट रोड धमतरी स्थित अपने ‘वेल्थ ट्रैकर’ कार्यालय के माध्यम से शेयर मार्केट और ट्रेडिंग ऐप में रकम निवेश करने पर हर महीने 4 प्रतिशत मुनाफा देने का प्रलोभन दिया था। निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए आरोपी स्टाम्प पेपर पर नोटरीकृत इकरारनामा तैयार करवाता और सुरक्षा के नाम पर बैंक चेक भी देता था। इसी भरोसे में आकर शिवकुमार साहू और उनके परिजनों ने आरोपी के पास 25 लाख रुपये निवेश किए। पुलिस के अनुसार, शुरुआत में कुछ समय तक मुनाफा देने का भरोसा बनाए रखा गया, लेकिन बाद में मूलधन और लाभ की राशि लौटाए बिना आरोपी फरार हो गया।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने अन्य लोगों से भी बड़ी रकम एकत्र की थी। अब तक सामने आए प्रमुख पीड़ितों में संगीता सिन्हा से 81 लाख रुपये, अंबिका प्रसाद सोनवानी से 60 लाख रुपये, भूषण सिन्हा से 28 लाख रुपये, चेतन सिन्हा से 16 लाख रुपये और प्रभुलाल सिन्हा से 12 लाख रुपये लेने की जानकारी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, कुल कथित धोखाधड़ी की रकम 3 करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक है।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए विशेष पुलिस टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आरोपी की लोकेशन इंदौर में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां घेराबंदी कर विक्रम सिंह शाह को हिरासत में लिया। पुलिस ने उसे 29 अक्टूबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान विक्रम सिंह शाह, पिता हरभजन सिंह, उम्र 37 वर्ष, निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, हटकेशर, धमतरी के रूप में हुई है। उसका वर्तमान पता रायपुर के अमलीडीह स्थित क्लासिक टॉवर बताया गया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, एक टैबलेट तथा निवेशकों से संबंधित नोटरीकृत इकरारनामे और बैंक चेक जब्त किए हैं।

पुलिस के अनुसार, आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लेने की प्रक्रिया की जा रही है। निवेशकों से प्राप्त रकम कहां और किन माध्यमों से हस्तांतरित की गई, इसकी वित्तीय जांच जारी है। साथ ही इस मामले में अन्य व्यक्तियों की संभावित भूमिका और संपत्तियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

धमतरी पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि निवेश पर असामान्य रूप से अधिक और निश्चित मासिक मुनाफे का दावा करने वाली योजनाओं से सतर्क रहें। किसी भी योजना में रकम लगाने से पहले उसकी वैधानिकता और विश्वसनीयता की जांच करें तथा वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।