हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रभावित कर्मचारियों को एरियर्स देने की मांग, कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल

छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग के सहायक ग्रेड-3 कर्मचारियों की वेतनवृद्धि रोकने के मामले में हाईकोर्ट के फैसले का कांग्रेस ने स्वागत किया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया कि विभाग द्वारा समय पर टंकण कौशल परीक्षा आयोजित नहीं किए जाने का खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ा। उन्होंने मांग की कि केवल याचिकाकर्ताओं ही नहीं, बल्कि राज्य के सभी प्रभावित कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से रुकी हुई वेतनवृद्धि और एरियर्स का भुगतान किया जाए।

Oct 9, 2026 - 12:52
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हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रभावित कर्मचारियों को एरियर्स देने की मांग, कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l स्वास्थ्य विभाग के सहायक ग्रेड-3 कर्मचारियों की वेतनवृद्धि रोकने के मामले में उच्च न्यायालय बिलासपुर के फैसले का छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने स्वागत किया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने इस मामले को प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताते हुए राज्य सरकार से सभी प्रभावित कर्मचारियों को रुकी हुई वेतनवृद्धि और एरियर्स का तत्काल भुगतान करने की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि विभाग द्वारा समय पर टंकण कौशल परीक्षा आयोजित नहीं किए जाने के बावजूद कर्मचारियों की वार्षिक वेतनवृद्धि रोक दी गई, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि टंकण कौशल परीक्षा आयोजित करना विभागीय जिम्मेदारी थी। कांग्रेस के अनुसार, जब स्वास्थ्य विभाग निर्धारित प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं कर पाया, तो इसका दंड कर्मचारियों को देना अनुचित था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक स्तर पर हुई चूक का खामियाजा कर्मचारियों और उनके परिवारों को भुगतना पड़ा। महंगाई के दौर में वेतनवृद्धि रुकने से कर्मचारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ा और उन्हें अपने अधिकारों के लिए न्यायालय का सहारा लेना पड़ा।

कांग्रेस प्रवक्ता ने मांग की कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद सरकार केवल उन कर्मचारियों तक राहत सीमित न रखे, जिन्होंने न्यायालय में याचिका दायर की थी। उनके मुताबिक, राज्य में जितने भी कर्मचारी इस मामले से प्रभावित हुए हैं, सभी को समान राहत मिलनी चाहिए। कांग्रेस ने नियुक्ति तिथि से वेतनवृद्धि की गणना करते हुए बकाया राशि यानी एरियर्स का भुगतान तत्काल करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि कर्मचारियों को अपने अधिकारों के लिए अलग-अलग न्यायालयों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।

वर्मा ने भाजपा सरकार के कर्मचारी हितैषी होने के दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों और प्रशासनिक व्यवस्था के कारण कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर निर्णय लिए गए थे। हालांकि, ये राजनीतिक दल की ओर से व्यक्त किए गए विचार और आरोप हैं।

कांग्रेस ने यह सवाल भी उठाया कि यदि विभागीय गलती के कारण वेतनवृद्धि रोकी गई थी, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय क्यों नहीं की गई। पार्टी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि कर्मचारियों को आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलने के लिए मजबूर करने वाले अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार से प्रभावित कर्मचारियों की पहचान कर उनकी रुकी हुई वेतनवृद्धि और एरियर्स का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। इस मामले में हाईकोर्ट के फैसले का विस्तृत विवरण और सरकार की ओर से सभी प्रभावित कर्मचारियों के लिए उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति में नहीं दी गई है। फिलहाल कांग्रेस ने इसे कर्मचारी हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है।