महासमुंद में कांग्रेस ने मनाया ‘काला दिवस’, लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों की रक्षा का लिया संकल्प

दिल्ली में विपक्षी नेताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार और हिरासत के विरोध में महासमुंद के नेहरू चौक पर जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं ने लोकतंत्र, संविधान, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मतदाता अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।

Oct 9, 2026 - 13:43
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महासमुंद में कांग्रेस ने मनाया ‘काला दिवस’, लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों की रक्षा का लिया संकल्प

UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुंद l दिल्ली में विपक्षी नेताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार और हिरासत के विरोध में कांग्रेस के आह्वान पर महासमुंद में ‘काला दिवस’ मनाया गया। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी और शहर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय नेहरू चौक पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव ने किया। धरना-प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तथा लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा का संकल्प लिया।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। उनका आरोप है कि दिल्ली में इन मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराने वाले कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं के साथ अनुचित व्यवहार किया गया और उन्हें हिरासत में लिया गया। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय बताया।

द्वारिकाधीश यादव ने उठाए लोकतांत्रिक अधिकारों के सवाल
जिला कांग्रेस अध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी, महुआ मोइत्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ दिल्ली में हुए व्यवहार को लेकर पार्टी चिंतित है। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और इसकी रक्षा करना लोकतंत्र की बुनियादी जिम्मेदारी है। कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी।

विपक्ष की आवाज दबाने के प्रयास का आरोप
पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर ने कहा कि संसद से लेकर सड़क तक विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और पुलिस जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं पर जनता का विश्वास बनाए रखना जरूरी है। उनके अनुसार, विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेने के बजाय उनके सवालों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाना चाहिए।

पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, संवैधानिक प्रक्रियाओं और लोकतांत्रिक संवाद के महत्व पर जोर दिया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत चावला ने कहा कि विपक्ष जनता की आवाज और अधिकारों की रक्षा करने वाली महत्वपूर्ण शक्ति है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की रही भागीदारी
कार्यक्रम का संचालन खिलावन बघेल ने किया। सभा को लक्ष्मण पटेल, लक्ष्मी देवांगन, राशि महिलांग, संजय शर्मा, अमन चंद्राकर और विजय बंजारे सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लोकतंत्र की बुनियाद बताया तथा मतदाता अधिकारों से जुड़े सवालों का समाधान संवैधानिक प्रक्रिया के तहत करने की मांग की।

धरना-प्रदर्शन में सेवनलाल चंद्राकर, अन्नु चंद्राकर, तुलसी साहू, ब्रिजेन बंजारे, सोनम बंसोड, तबरेज खान, देवेश शर्मा, राजेश नेताम, मानिकराम साहू, टोमन कागजी, नुकेश महंत, राजू साहू, अनुराग चंद्राकर, नारायण नामदेव, लोकेश चंदन, कविता तिवारी, जयश्री दास, मोती साहू, लीलू साहू, राजेश मुकर्जी, लोकेश मांझी, सुरेंद्र ठाकुर, राहुल आवडे, संतोष धीवर, अब्दुल जावेद, भूमिका ध्रुव, तुलसी देवादास, अरुण साहू, भानु सोनी और छोटेलाल मानिकपुरी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कांग्रेस नेताओं ने दोहराया कि लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए पार्टी अपना आंदोलन और लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखेगी।