छत्तीसगढ़ में ‘जोश टीम’ का राज्य स्तरीय शुभारंभ, पहली बार चार विकासखंड टीबी मुक्त घोषित
छत्तीसगढ़ में टीबी उन्मूलन अभियान को गति देने के लिए ‘जोश टीम’ का राज्य स्तरीय शुभारंभ खड़गवां से किया गया। इस पहल के तहत माय भारत के युवा स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेटों को अभियान से जोड़ा जाएगा। राज्य में पहली बार खड़गवां, सोनहत, बतौली और घरघोड़ा को टीबी मुक्त विकासखंड घोषित किया गया। वर्ष 2025 के लिए 4,676 टीबी मुक्त पंचायतों को भी जिला स्तर पर सम्मानित किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में टीबी उन्मूलन अभियान को नई गति देने और जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से ‘जोश टीम’ का राज्य स्तरीय शुभारंभ खड़गवां से किया गया। 9 अक्टूबर 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में भी जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए। राष्ट्रीय स्तर पर शुरू की जा रही इस पहल के अंतर्गत माय भारत के युवा स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेटों को टीबी उन्मूलन के प्रयासों से जोड़ा जा रहा है, ताकि जागरूकता का संदेश गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाया जा सके।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई। राज्य में पहली बार चार विकासखंडों—खड़गवां, सोनहत, बतौली और घरघोड़ा—को टीबी मुक्त विकासखंड घोषित किया गया। जारी प्रेस विज्ञप्ति में इसे छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देश में भी पहली बार हासिल हुई उपलब्धि बताया गया है। इस सफलता को स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्यकर्मियों, मितानिनों, निक्षय मित्रों, स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय समुदाय के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया गया।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और जनभागीदारी को अभियान से जोड़कर इसके प्रयासों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। टीबी की समय पर जांच, नियमित उपचार और उपचार का पूरा कोर्स सुनिश्चित करने के साथ-साथ बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाना और मरीजों के साथ होने वाले सामाजिक भेदभाव को समाप्त करना भी जरूरी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने ‘जोश टीम’ की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि माय भारत और एनसीसी से जुड़े युवा अपने क्षेत्रों में लोगों को टीबी के लक्षणों, जांच, उपचार और बचाव के बारे में जानकारी देंगे। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से लोगों को समय पर स्वास्थ्य जांच कराने और उपचार बीच में नहीं छोड़ने के लिए प्रेरित किया जा सकेगा। इस तरह यह पहल टीबी उन्मूलन को केवल विभागीय कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय जनअभियान का रूप देने में सहायक होगी।
कार्यक्रम में वर्ष 2025 के लिए राज्य की 4,676 टीबी मुक्त पंचायतों को जिला स्तर पर सम्मानित भी किया गया। संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ने चार विकासखंडों की उपलब्धि को अन्य क्षेत्रों के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि इन विकासखंडों में हासिल प्रगति को बनाए रखने के साथ-साथ दूसरे विकासखंडों को भी टीबी मुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने होंगे।
अभियान के तहत हर संभावित मरीज की समय पर पहचान और जांच, गुणवत्तापूर्ण उपचार तथा उपचार पूरा करवाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही टीबी मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और सामाजिक सहयोग सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों और युवाओं ने टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया। ‘जोश टीम’ के माध्यम से युवाओं की भागीदारी बढ़ाकर राज्य में टीबी उन्मूलन के प्रयासों को लगातार आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई गई।