गोठान बंद होने से सड़कों पर बढ़ा आवारा पशुओं का खतरा, कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार द्वारा पूर्ववर्ती सरकार की गोठान और गोबर खरीदी योजनाएं बंद किए जाने के बाद सड़कों पर आवारा पशुओं की समस्या बढ़ी है। उन्होंने पशुओं के हमलों और सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए सरकार से स्थायी समाधान की मांग की।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं की समस्या को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में बनाई गई दस हजार से अधिक गोठान व्यवस्था को भाजपा सरकार ने राजनीतिक द्वेष के चलते बंद कर दिया। कांग्रेस का कहना है कि इन योजनाओं के बंद होने का असर अब सड़कों और आम बस्तियों में दिखाई दे रहा है, जहां बड़ी संख्या में पशुओं के घूमने से दुर्घटनाओं और पशु हमलों का खतरा बढ़ रहा है।
सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि हाल ही में आवारा सांड के हमले में एक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हुआ, जबकि एक नवजात बच्चे को भी गंभीर चोटें आने की बात सामने आई है। उन्होंने सवाल उठाया कि आवारा पशुओं के हमलों में आम नागरिकों को नुकसान पहुंचने पर जिम्मेदारी किसकी होगी। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। उनके अनुसार, यदि समय रहते स्थायी व्यवस्था नहीं बनाई गई तो लोगों की सुरक्षा को लेकर मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि आवारा पशुओं से जुड़ी समस्या पर उच्च न्यायालय द्वारा संज्ञान लिए जाने के बावजूद सरकार की ओर से प्रभावी समाधान दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कभी गौ अभयारण्य तो कभी गौधाम बनाने की बात करती है, लेकिन लगभग तीन साल के कार्यकाल में इन घोषणाओं का ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। कांग्रेस का दावा है कि सड़कों पर पशुओं की मौजूदगी के कारण वाहन चालकों, राहगीरों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सत्यप्रकाश सिंह ने उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा की ओर से अवैध पशु तस्करी रोकने के लिए बनाए गए कानून को सरकार की उपलब्धि बताए जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल किया कि कानून बनने के एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी यदि पशु तस्करी और आवारा पशुओं की समस्या बनी हुई है, तो सरकार की कार्रवाई का जमीनी असर कहां दिखाई दे रहा है। ये सवाल कांग्रेस प्रवक्ता ने अपने बयान में उठाए हैं।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि गोठान और गोबर खरीदी योजना बंद होने से पशुपालकों को मिलने वाला आर्थिक प्रोत्साहन भी समाप्त हो गया। पार्टी के अनुसार, इन योजनाओं के माध्यम से पशुपालन और पशुओं के प्रबंधन को बढ़ावा मिलता था। सत्यप्रकाश सिंह ने सरकार से मांग की कि आवारा पशुओं के लिए प्रभावी प्रबंधन व्यवस्था बनाई जाए, सड़कों पर पशुओं की आवाजाही नियंत्रित की जाए और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी उपाय लागू किए जाएं।
कांग्रेस ने कहा कि पशुओं और आम नागरिकों, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। हालांकि, गोठान बंद होने और आवारा पशुओं की समस्या के बीच संबंध तथा सरकार की योजनाओं की स्थिति को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर संबंधित विभागों का पक्ष इस प्रेस विज्ञप्ति में शामिल नहीं है।