रायपुर में 160 स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने की योजना पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, फंड के दुरुपयोग का लगाया आरोप

रायपुर नगर निगम द्वारा कचरा फेंकने वालों पर निगरानी के लिए 160 स्थानों पर सौर ऊर्जा चालित CCTV कैमरे लगाने की योजना पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने आरोप लगाया कि निगम जमीनी सफाई व्यवस्था सुधारने के बजाय कैमरों की खरीद, रखरखाव और ठेकेदारी पर खर्च करने की तैयारी कर रहा है। कांग्रेस ने पहले वार्डों में नियमित कचरा उठाव, सफाई कर्मचारियों की पर्याप्त तैनाती और प्रभावी कचरा प्रबंधन सुनिश्चित करने की मांग की है।

Oct 9, 2026 - 12:47
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रायपुर में 160 स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने की योजना पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, फंड के दुरुपयोग का लगाया आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर में कचरा फेंकने वालों पर निगरानी रखने के लिए नगर निगम द्वारा 160 स्थानों पर सौर ऊर्जा चालित CCTV कैमरे लगाने की योजना को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने इस योजना पर आपत्ति जताते हुए इसे जनता के पैसों की बर्बादी और संभावित भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम शहर की बुनियादी सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने में नाकाम रहा है और अब कैमरे लगाने की योजना के जरिए अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है।

घनश्याम राजू तिवारी ने कहा कि राजधानी में नाली, पानी, बिजली, सफाई और आवारा पशुओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर प्राथमिकता से काम होना चाहिए। उनके मुताबिक, शहर के कई इलाकों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की व्यवस्था सुचारू नहीं है। ऐसे में कैमरे लगाकर निगरानी बढ़ाने से पहले सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सुधारना जरूरी है। उन्होंने सवाल किया कि जब नियमित कचरा उठाव और पर्याप्त संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं है, तो केवल कैमरों और चालान की कार्रवाई से शहर को स्वच्छ कैसे बनाया जा सकेगा?

कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कैमरों की खरीद, उनके रखरखाव और संचालन पर होने वाला खर्च नगर निगम पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाल सकता है। उन्होंने दावा किया कि स्वच्छता से जुड़े बजट का उपयोग जमीनी स्तर पर सफाई कर्मचारियों, कचरा संग्रहण वाहनों और अन्य जरूरी संसाधनों को मजबूत करने के बजाय ठेकेदारी व्यवस्था में किया जा रहा है। हालांकि, ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं; उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति में इनके समर्थन में कोई स्वतंत्र जांच रिपोर्ट या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया है।

तिवारी ने यह भी कहा कि शहर की मुख्य सड़कों, कॉलोनियों और बस्तियों में कचरा संग्रहण की व्यवस्था प्रभावी होना आवश्यक है। उनके अनुसार, वार्डों में पर्याप्त कचरा पेटियां, नियमित कलेक्शन और प्रशिक्षित सफाई कर्मचारियों की उपलब्धता के बिना निगरानी आधारित व्यवस्था अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकती। उन्होंने कैमरों के संचालन और संधारण के लिए तीन साल के ठेके की योजना पर भी सवाल उठाते हुए इसकी जरूरत, लागत और उपयोगिता को सार्वजनिक करने की मांग की।

कांग्रेस ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि कैमरे लगाने की योजना पर खर्च करने से पहले प्रत्येक वार्ड में सफाई व्यवस्था की समीक्षा की जाए। नियमित कचरा उठाव, सफाई कर्मचारियों की पर्याप्त तैनाती और कचरे के पृथक्करण एवं निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पार्टी का कहना है कि स्वच्छता अभियान का उद्देश्य केवल नियम तोड़ने वालों पर निगरानी रखना नहीं, बल्कि नागरिकों को साफ-सुथरा वातावरण उपलब्ध कराना भी होना चाहिए।

घनश्याम राजू तिवारी ने कहा कि कांग्रेस इस तरह की परियोजनाओं का विरोध करेगी, जिन्हें पार्टी दिखावटी और कथित रूप से भ्रष्टाचार से प्रेरित मानती है। अब इस मामले में नगर निगम की ओर से योजना की लागत, संचालन व्यवस्था और कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।