भ्रष्टाचार पर सख्त साय सरकार, आरोपी थाना प्रभारी की गिरफ्तारी पर भाजपा ने किया स्वागत
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने नारायणपुर में दिवंगत डीएसएफ आरक्षक के बीमा दावे में कथित अनियमितता के मामले में थाना प्रभारी की गिरफ्तारी को साय सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग पर सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने प्रदेश में भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के मामलों पर राज्य सरकार की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने नारायणपुर में दिवंगत जिला स्ट्राइक फोर्स (डीएसएफ) आरक्षक धनेश्वर नुरेटी के परिवार से जुड़े बीमा दावा प्रकरण में थाना प्रभारी सुरेश चंद्र यादव की गिरफ्तारी को सरकार की निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण बताया।
अमित चिमनानी ने कहा कि कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद होने वाले जवानों और उनके परिवारों का सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिवंगत आरक्षक की पत्नी को मिलने वाले एक करोड़ रुपये के दुर्घटना बीमा दावे में कथित अनियमितता और अवैध वसूली का प्रयास अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अमानवीय है। उनका कहना था कि ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाएगा, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि खाकी वर्दी की आड़ में पद का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों या कर्मचारियों को किसी भी स्थिति में संरक्षण नहीं मिलेगा। कानून सभी के लिए समान है और भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। उनके अनुसार थाना प्रभारी की गिरफ्तारी यह साबित करती है कि सरकार प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कांग्रेस शासन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार के दौरान भ्रष्टाचार के अनेक आरोप सामने आते रहे, जबकि वर्तमान सरकार भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने दावा किया कि अब ऐसा दौर समाप्त हो चुका है, जब आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए कथित रूप से रिश्वत या बिचौलियों का सहारा लेना पड़ता था।
अमित चिमनानी ने कहा कि राज्य में कानून का शासन स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति जनता के अधिकारों का हनन करेगा या सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर अवैध वसूली करेगा, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में कथित रूप से शामिल फरार अधिवक्ता की भी शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई जारी है और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार और भाजपा हर स्तर पर उनके साथ खड़ी है तथा न्याय प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल दोषियों पर कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि भविष्य में किसी भी पीड़ित परिवार के साथ इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो।
अमित चिमनानी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देते हुए काम कर रही है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में उठाए जा रहे कदम प्रदेश में सुशासन को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।