पॉलिटेक्निक कॉलेज बेरला में इंडक्शन कार्यक्रम, विद्यार्थियों को स्वास्थ्य और नशामुक्ति का दिया संदेश
बेमेतरा जिले के शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज बेरला में नव-प्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए इंडक्शन कार्यक्रम 2026-27 आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को स्वास्थ्य, स्वच्छता, संक्रामक एवं गैर-संचारी रोगों, टीबी, एचआईवी/एड्स और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्राथमिक उपचार सहित विभिन्न बीमारियों से बचाव की जानकारी दी। विद्यार्थियों और उपस्थितजनों को टीबी मुक्त भारत और नशामुक्त समाज के निर्माण की शपथ भी दिलाई गई।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज बेरला में नव-प्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए इंडक्शन कार्यक्रम 2026-27 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को स्वास्थ्य, स्वच्छता, संक्रामक एवं गैर-संचारी रोगों के साथ-साथ टीबी, एचआईवी/एड्स और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना और उन्हें स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमृतलाल रोहलेडर के निर्देशन तथा जिला क्षय अधिकारी डॉ. राज और खंड चिकित्सा अधिकारी बेरला डॉ. जे.के. कुंजाम के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज बेरला के प्राचार्य एवं व्याख्याता डॉ. दीक्षा तिवारी के नेतृत्व में किया गया।
स्वास्थ्य विभाग बेरला की ओर से मेडिकल ऑफिसर डॉ. गिरीश कुमार पटेल ने विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार यानी फर्स्ट-एड के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पीसीआर, गैर-संचारी रोग, मलेरिया, हैजा, टाइफाइड और वायरल बीमारियों के कारण, लक्षण, बचाव और आवश्यक सावधानियों के बारे में विद्यार्थियों को बताया। बरसात के मौसम में होने वाली विभिन्न बीमारियों से बचने के लिए स्वच्छता और सावधानी बरतने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
डॉ. गिरीश कुमार पटेल ने प्राथमिक उपचार से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं का डेमो भी प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी दुर्घटना या अचानक स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में तत्काल किस तरह प्राथमिक सहायता दी जा सकती है। इस दौरान स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को व्यवहारिक तरीके से समझाने का प्रयास किया गया।
टीबी उन्मूलन और नशामुक्ति का दिया संदेश
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेरला में पदस्थ वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक दिनेश गंगबेर ने विद्यार्थियों को टीबी के लक्षण, जांच, उपचार और बचाव की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान और निक्षय-मित्र योजना के बारे में भी विद्यार्थियों को बताया। साथ ही स्वच्छता के महत्व को समझाते हुए टीबी जैसी बीमारी के प्रति जागरूक रहने की अपील की।
दिनेश गंगबेर ने कहा कि टीबी को भारत से समाप्त करने के लिए जनभागीदारी और जागरूकता बेहद जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और उपस्थितजनों को टीबी मुक्त भारत तथा नशामुक्त समाज के निर्माण की शपथ दिलाई गई। विद्यार्थियों से गुटखा, तंबाकू, धूम्रपान और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की गई।
एचआईवी/एड्स को लेकर भी किया जागरूक
कार्यक्रम में ICTC बेरला से मौसमी टंडन ने विद्यार्थियों को एचआईवी/एड्स के लक्षण, बचाव और उपचार से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को एचआईवी/एड्स को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों से दूर रहने की सलाह दी और सही जानकारी के आधार पर स्वयं जागरूक होने के साथ दूसरों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, स्वच्छता अपनाने और किसी भी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय पर जांच एवं उपचार कराने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही नशे से होने वाले शारीरिक और मानसिक नुकसान के बारे में जानकारी देकर विद्यार्थियों को इससे दूर रहने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के यांत्रिकी विभागाध्यक्ष डॉ. जे.एस. बल, विद्युत विभागाध्यक्ष डॉ. टी.वी. दीक्षित, अंग्रेजी व्याख्याता डॉ. दीक्षा तिवारी सहित विभागीय कर्मचारी और बड़ी संख्या में नव-प्रवेशित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।