बालोद में शराब दुकान के अहाते में कचरे के गड्ढे में फंसी गौ माता, JCB से एक घंटे बाद रेस्क्यू
बालोद शहर के गंजपारा स्थित देशी शराब दुकान के अहाता परिसर में खुले सोख्ता गड्ढे में गिरकर एक गौ माता फंस गई। गड्ढे में प्लास्टिक गिलास, डिस्पोजल और पानी पाउच का कचरा भरा था। सूचना मिलने पर गौ रक्षा अभियान समूह बालोद के प्रमुख अजय यादव मौके पर पहुंचे। JCB की मदद से करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद गौ माता को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना के बाद परिसर की साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। स्थानीय नागरिकों और गौ सेवकों ने प्रशासन से जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहु, बालोद l शहर के गंजपारा स्थित देशी शराब दुकान के अहाता परिसर में एक गौ माता खुले सोख्ता गड्ढे में गिरकर फंस गई। गड्ढे में प्लास्टिक गिलास, डिस्पोजल और पानी पाउच का कचरा भरा होने के कारण गौ माता को बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो गया। घटना की सूचना मिलने पर गौ रक्षा अभियान समूह बालोद के प्रमुख अजय यादव मौके पर पहुंचे। इसके बाद JCB की मदद से करीब एक घंटे तक मशक्कत कर गौ माता को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
जानकारी के अनुसार, शराब दुकान के अहाता परिसर में स्थित खुले सोख्ता गड्ढे में गौ माता गिर गई थी। गड्ढे में जमा कचरे और पानी के कारण उसके फंसने की स्थिति गंभीर हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद गौ सेवकों ने बचाव की पहल की। गौ माता को सुरक्षित निकालने के लिए JCB की मदद ली गई। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद रेस्क्यू अभियान सफल रहा और गौ माता को बाहर निकाल लिया गया।
साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना के बाद शराब दुकान और उसके अहाता परिसर में साफ-सफाई तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। परिसर में खुले गड्ढे और उसमें जमा प्लास्टिक कचरे की मौजूदगी से पशुओं के लिए खतरा पैदा होने की आशंका सामने आई है। स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठाया जा रहा है कि परिसर का नियमित निरीक्षण और सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाने वालों की नजर इस स्थिति पर क्यों नहीं पड़ी।
खुले गड्ढे में गिरने से गौ माता की जान जोखिम में पड़ सकती थी। यदि समय पर सूचना नहीं मिलती और बचाव के लिए प्रयास नहीं किए जाते, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। इस घटना ने परिसर में खुले गड्ढों को सुरक्षित ढंग से ढकने और नियमित सफाई की आवश्यकता को सामने रखा है।
प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और गौ सेवकों ने आबकारी विभाग तथा जिला प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग की है। उनकी मांग है कि खुले सोख्ता गड्ढे को सुरक्षित तरीके से ढका जाए और परिसर में जमा कचरे की सफाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही शराब दुकान और अहाता परिसर में सुरक्षा मानकों की जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जांच में अहाता संचालक या संबंधित अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। परिसर में नियमित सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देना भी जरूरी है, ताकि वहां आने-जाने वाले लोगों और आसपास विचरण करने वाले पशुओं को खतरा न हो।
फिलहाल, इस घटना के बाद प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग मामले की जांच कर परिसर की सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था में सुधार के लिए क्या कदम उठाते हैं।