बालोद में देवरानी-जेठानी पुल के पास मिट्टी-मुरुम की खुदाई पर सवाल, खनिज विभाग की कार्रवाई का इंतजार
बालोद से धमतरी जाने वाले मुख्य मार्ग पर देवरानी-जेठानी पुल के पास मिट्टी और मुरुम की खुदाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, पुल से करीब 100 मीटर दूर पोकलेन और जेसीबी जैसी मशीनों से खुदाई की जा रही है और डंपर-हाइवा से मिट्टी-मुरुम का परिवहन हो रहा है। हालांकि, खुदाई की अनुमति और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। खनिज अधिकारी से संपर्क नहीं हो पाने के कारण विभाग का पक्ष सामने नहीं आया है। अब मामले में स्थल निरीक्षण और जांच का इंतजार है।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l बालोद से धमतरी जाने वाले मुख्य मार्ग पर देवरानी-जेठानी पुल के पास मिट्टी और मुरुम की खुदाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुल से करीब 100 मीटर की दूरी पर भारी मशीनों से जमीन की खुदाई किए जाने और डंपर-हाइवा के माध्यम से मिट्टी-मुरुम का परिवहन होने की जानकारी सामने आई है। इस गतिविधि के बाद अब खनिज विभाग की निगरानी और संभावित कार्रवाई को लेकर चर्चा हो रही है।
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, संबंधित स्थान पर पोकलेन और जेसीबी जैसी मशीनों से खुदाई की जा रही है। इसके साथ ही बड़े वाहनों के जरिए मिट्टी और मुरुम को दूसरे स्थानों तक ले जाया जा रहा है। हालांकि, इस कार्य के लिए आवश्यक अनुमति ली गई है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित विभाग द्वारा स्थल निरीक्षण और दस्तावेजों की जांच किया जाना जरूरी है।
मुख्य मार्ग के पास खुदाई, निगरानी पर सवाल
देवरानी-जेठानी पुल के नजदीक भारी मशीनों और डंपर-हाइवा की आवाजाही को देखते हुए यह सवाल उठ रहा है कि संबंधित गतिविधि की जानकारी खनिज विभाग को है या नहीं। स्थानीय लोगों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, खुदाई की अनुमति, निकाली जा रही मिट्टी-मुरुम की वास्तविक मात्रा और परिवहन से संबंधित दस्तावेजों के बारे में फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
यदि जांच में यह पाया जाता है कि आवश्यक अनुमति के बिना बड़े पैमाने पर उत्खनन किया जा रहा है, तो यह खनिज नियमों के उल्लंघन का मामला हो सकता है। ऐसी स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा, बड़े पैमाने पर खुदाई से जमीन पर गहरे गड्ढे बनने और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी जोखिम पैदा होने की आशंका भी रहती है। इसलिए मौके की स्थिति का आकलन करना महत्वपूर्ण है।
खनिज अधिकारी से संपर्क की कोशिश
मामले को लेकर खनिज अधिकारी से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। इस वजह से फिलहाल विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आ सका है। विभाग की ओर से प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके।
जांच और कार्रवाई का इंतजार
मुख्य मार्ग के पास हो रही खुदाई को लेकर अब कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं। क्या संबंधित कार्य के लिए अनुमति ली गई है? मिट्टी-मुरुम का परिवहन किन नियमों के तहत किया जा रहा है? क्या खनिज विभाग ने स्थल का निरीक्षण किया है? इन सवालों पर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल, मामले में खनिज विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जांच किए जाने की आवश्यकता है। यदि जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले में कब निरीक्षण करता है और जांच के बाद क्या कदम उठाए जाते हैं।