दंतेवाड़ा में ‘लोकतंत्र बनाम अराजकता’ पर छात्र प्रतियोगिताएं संपन्न, विजेताओं का हुआ सम्मान
दंतेवाड़ा में लोकतंत्र बचाओ समिति द्वारा ‘लोकतंत्र बनाम अराजकता’ विषय पर छात्र प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। निबंध, क्विज और भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को अतिथियों ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में लोकतांत्रिक मूल्यों, जागरूक मतदान और नागरिक जिम्मेदारियों का संदेश दिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, दंतेवाड़ा l लोकतांत्रिक मूल्यों, नागरिक जिम्मेदारियों और जागरूकता को विद्यार्थियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से लोकतंत्र बचाओ समिति, दंतेवाड़ा के तत्वावधान में ‘लोकतंत्र बनाम अराजकता’ विषय पर छात्र प्रतियोगिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 30 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। निबंध, क्विज और भाषण प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने लोकतंत्र की महत्ता, असहमति के अधिकार और नागरिक कर्तव्यों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक चैतराम अटामी शामिल हुए। इसके अलावा भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाम, नगर पालिका अध्यक्ष पायल गुप्ता तथा जनपद सदस्य एवं भाजपा प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट रामू नेताम सहित क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिक और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अतिथियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और प्रतियोगिताओं में उनकी भागीदारी की सराहना की।
प्रतियोगिताओं में इन विद्यार्थियों ने हासिल किया स्थान
निबंध प्रतियोगिता में कु. संगीता सोढ़ी ने प्रथम, कु. दुर्गा ने द्वितीय और कु. आरती शुक्ला ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। क्विज प्रतियोगिता में कु. मानवी यादव एवं कु. जमनी पोड़ियाम की जोड़ी प्रथम रही। मोनेश एवं चन्द्रशेखर ने द्वितीय और कु. निधि कश्यप एवं कु. रीता ने तृतीय स्थान हासिल किया। वहीं भाषण प्रतियोगिता में विशाल एक्का ने प्रथम, कु. निहार फातिमा ने द्वितीय और कु. रोशनी निषाद ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सभी विजेता छात्र-छात्राओं को मंच पर अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।
छात्रों के विचारों में दिखी लोकतांत्रिक समझ
कार्यक्रम की सार्थकता विद्यार्थियों के विचारों में भी देखने को मिली। भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विशाल एक्का ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन विरोध की आड़ में हिंसा को बढ़ावा देना देश के विकास में बाधा बनता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और नागरिकों को असहमति तथा हिंसा के बीच के अंतर को समझना चाहिए।
वहीं, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली निहार फातिमा ने अपने वक्तव्य में जागरूक मतदान को अराजकता रोकने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि मजबूत लोकतंत्र ही सुरक्षित समाज का आधार है। विद्यार्थियों के इन विचारों ने कार्यक्रम के उद्देश्य को प्रभावी रूप से सामने रखा।
आयोजकों के अनुसार, इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं में लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति समझ विकसित करना, नागरिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था। प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी बात रखने और लोकतंत्र से जुड़े विषयों पर विचार व्यक्त करने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, प्रबुद्धजनों और आयोजन समिति के सदस्यों की सहभागिता रही। आयोजन के समापन पर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया। इस तरह ‘लोकतंत्र बनाम अराजकता’ विषय पर आयोजित प्रतियोगिताओं ने विद्यार्थियों के बीच लोकतांत्रिक चेतना और जागरूक नागरिकता का संदेश दिया।