78 वर्ष की उम्र में विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा का निधन, शिक्षक से विधायक तक का रहा प्रेरणादायक सफर
अहिवारा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा का 78 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। राजनीति में आने से पहले उन्होंने 26 साल तक शिक्षक के रूप में सेवाएं दीं। वर्ष 2008 में पहली बार विधायक बने और 2023 में दूसरी बार विधानसभा पहुंचे। उन्हें गुरु घासीदास सम्मान से भी सम्मानित किया गया था।
UNITED NEWS OF ASIA. भारती कौर, दुर्ग l छत्तीसगढ़ की राजनीति से एक दुखद खबर सामने आई है। अहिवारा विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा का 78 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक का माहौल है। डोमन लाल कोर्सेवाड़ा का जीवन शिक्षा और राजनीति के क्षेत्र में लंबे योगदान के लिए जाना जाता है। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत एक शिक्षक के रूप में की थी और बाद में जनप्रतिनिधि के तौर पर अपनी पहचान बनाई।
डोमन लाल कोर्सेवाड़ा का जन्म 12 अगस्त 1948 को हुआ था। राजनीति में आने से पहले उन्होंने करीब 26 वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने वर्ष 1972 में सहायक शिक्षक के पद से अपने करियर की शुरुआत की थी। शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक कार्य करने के बाद वर्ष 1998 में वे व्याख्याता के पद से सेवानिवृत्त हुए। शिक्षक के रूप में उनका यह सफर उनके जीवन का महत्वपूर्ण अध्याय रहा।
शिक्षकीय सेवा से निवृत्त होने के बाद उन्होंने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। वर्ष 2008 में उन्होंने पहली बार अहिवारा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने क्षेत्र की राजनीति में अपनी पहचान बनाई। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने दूसरी बार जीत दर्ज की और एक बार फिर विधायक के रूप में विधानसभा पहुंचे।
डोमन लाल कोर्सेवाड़ा को उनके योगदान के लिए गुरु घासीदास सम्मान से भी सम्मानित किया गया था। यह सम्मान उनके सार्वजनिक जीवन और सामाजिक क्षेत्र में किए गए कार्यों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। शिक्षा के क्षेत्र से लेकर राजनीतिक जीवन तक उनका सफर कई लोगों के लिए प्रेरणादायक रहा।
नवंबर 2025 में उन्हें अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया था। इस जिम्मेदारी के साथ वे अनुसूचित जाति वर्ग के विकास से जुड़े कार्यों और योजनाओं से भी जुड़े रहे। उनका जीवन एक ऐसे व्यक्ति की यात्रा को दर्शाता है, जिन्होंने शिक्षक के रूप में अपनी शुरुआत की और आगे चलकर जनप्रतिनिधि के रूप में क्षेत्र का नेतृत्व किया।
डोमन लाल कोर्सेवाड़ा के निधन से अहिवारा विधानसभा क्षेत्र ने अपना एक जनप्रतिनिधि खो दिया है। उनका शिक्षक से विधायक तक का सफर सार्वजनिक जीवन में उनके लंबे योगदान की याद दिलाता रहेगा।