कबीरधाम में 11.180 किलो गांजा परिवहन मामले में दो आरोपियों को 3-3 साल की कठोर सजा

कबीरधाम जिले के चिल्फी थाना क्षेत्र में 11.180 किलोग्राम गांजा परिवहन के मामले में विशेष न्यायालय (एनडीपीएस एक्ट) ने दो आरोपियों जैनेन्द्र सिंह चौधरी और राज लोधी को तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास तथा 10,000-10,000 रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। अर्थदण्ड जमा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने जब्त मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन को राज्य के पक्ष में राजसात करने का आदेश भी दिया।

Oct 31, 2026 - 20:02
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कबीरधाम में 11.180 किलो गांजा परिवहन मामले में दो आरोपियों को 3-3 साल की कठोर सजा

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कबीरधाम l जिले में गांजा परिवहन से जुड़े एक मामले में विशेष न्यायालय (एनडीपीएस एक्ट), कबीरधाम ने दो आरोपियों को कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने जैनेन्द्र सिंह चौधरी और राज लोधी को तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास तथा 10,000-10,000 रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है। अर्थदण्ड अदा नहीं करने पर दोनों आरोपियों को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह निर्णय 23 अक्टूबर 2026 को पारित किया गया।

मोटरसाइकिल की सीट से मिला था गांजा

यह मामला चिल्फी थाना के अपराध क्रमांक 30/2024 से संबंधित है। पुलिस ने इस प्रकरण में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(बी) के तहत कार्रवाई की थी। मामले के अनुसार, आरोपियों के आधिपत्य वाली मोटरसाइकिल क्रमांक CG-10-MV-4821 की सीट में छिपाकर रखा गया कुल 11.180 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया था।

गांजा बरामद होने के बाद पुलिस ने मामले की विवेचना कर आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए और प्रकरण को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और विवेचना के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध ठहराया गया। इसके बाद न्यायालय ने उन्हें कारावास और अर्थदण्ड की सजा सुनाई।

तत्कालीन थाना प्रभारी की विवेचना महत्वपूर्ण

मामले की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक उमाशंकर राठौर द्वारा की गई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने प्रकरण में प्रभावी और तथ्यपरक विवेचना करते हुए आवश्यक साक्ष्यों का संकलन किया। इसके बाद मामले को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

न्यायालय में पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोप प्रमाणित होने पर दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया गया। इस फैसले के साथ ही मामले में जब्त वाहन और मोबाइल फोन को लेकर भी आदेश जारी किया गया।

मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन राजसात करने का आदेश

विशेष न्यायालय ने प्रकरण में जब्त मोटरसाइकिल क्रमांक CG-10-MV-4821 और मोबाइल फोन को राज्य के पक्ष में राजसात करने का आदेश दिया है। इस प्रकार न्यायालय ने आरोपियों को कारावास और अर्थदण्ड देने के साथ जब्त संपत्ति के संबंध में भी निर्णय सुनाया।

मादक पदार्थों के मामलों में साक्ष्यों की अहम भूमिका

यह फैसला मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में विवेचना, साक्ष्य संकलन और न्यायालयीन प्रक्रिया के महत्व को रेखांकित करता है। ऐसे मामलों में बरामदगी से संबंधित तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों को विधिसम्मत तरीके से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना महत्वपूर्ण होता है।

चिल्फी थाना क्षेत्र के इस मामले में 11.180 किलोग्राम गांजा परिवहन के आरोप में दर्ज प्रकरण का निष्कर्ष दोनों आरोपियों की दोषसिद्धि और सजा के रूप में सामने आया है। न्यायालय के आदेश के अनुसार, प्रत्येक आरोपी को तीन वर्ष का कठोर कारावास और 10,000 रुपये का अर्थदण्ड भुगतना होगा। अर्थदण्ड जमा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भी निर्धारित किया गया है।