कबीरधाम में 101 किलो गांजा तस्करी मामले में तीन आरोपियों को 12-12 साल की कठोर सजा
कबीरधाम जिले के चिल्फी थाना क्षेत्र में 101.070 किलोग्राम गांजा तस्करी के मामले में विशेष एनडीपीएस न्यायालय ने तीन आरोपियों को 12-12 वर्ष के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। अर्थदण्ड जमा नहीं करने पर प्रत्येक आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक उमाशंकर राठौर की विवेचना और न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोप प्रमाणित हुए।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कबीरधाम l जिले में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में विशेष न्यायालय ने तीन आरोपियों को कठोर कारावास की सजा सुनाई है। चिल्फी थाना क्षेत्र में दर्ज इस प्रकरण में न्यायालय ने सांवरिया वर्मा, होकम सिंह सोंधिया और कुमेर सिंह को 12-12 वर्ष के कठोर कारावास तथा एक-एक लाख रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है। अर्थदण्ड अदा नहीं करने की स्थिति में प्रत्येक आरोपी को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
ट्रक से बरामद हुआ था 101.070 किलोग्राम गांजा
प्रकरण थाना चिल्फी, जिला कबीरधाम के अपराध क्रमांक 21/2025 से संबंधित है। इसमें एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(सी) के तहत कार्रवाई की गई थी। मामले में आरोपियों के आधिपत्य वाले ट्रक क्रमांक RJ 17 GC 9591 की छत केबिन में छिपाकर रखी गई चार बोरियों से कुल 101.070 किलोग्राम गांजा बरामद कर जब्त किया गया था।
पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले की विवेचना की गई और प्रकरण को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में पेश किए गए साक्ष्यों और विवेचना के आधार पर आरोप प्रमाणित पाए जाने पर तीनों आरोपियों को सजा सुनाई गई।
तत्कालीन थाना प्रभारी की विवेचना रही महत्वपूर्ण
इस मामले की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक उमाशंकर राठौर ने की थी। प्रकरण में साक्ष्यों का संकलन, आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन और तथ्यपरक विवेचना करते हुए न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों और विवेचना के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध आरोप प्रमाणित पाए। इसके बाद विशेष न्यायालय (एनडीपीएस एक्ट), कबीरधाम ने तीनों आरोपियों को 12-12 वर्ष के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई।
मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध सख्त संदेश
इस फैसले को मादक पदार्थों की तस्करी जैसे गंभीर अपराधों के मामलों में प्रभावी कानूनी कार्रवाई और गुणवत्तापूर्ण विवेचना के महत्व के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे मामलों में साक्ष्यों का व्यवस्थित संकलन, वैधानिक प्रक्रिया का पालन और न्यायालय के समक्ष तथ्य प्रस्तुत करना अभियोजन की दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है।
चिल्फी थाना क्षेत्र के इस प्रकरण में 101.070 किलोग्राम गांजा की बरामदगी के बाद चली न्यायिक प्रक्रिया का परिणाम तीनों आरोपियों को कठोर कारावास और आर्थिक दण्ड के रूप में सामने आया है।
न्यायालय के निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों और विवेचना के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाती है। यह फैसला नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी के विरुद्ध कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के महत्व को रेखांकित करता है।