बोड़ेगांव में बेटियों के जन्म पर ₹1,000 की सम्मान निधि, सरपंच की पहल को सांसद विजय बघेल ने किया सम्मानित
दुर्ग जिले की ग्राम पंचायत बोड़ेगांव में सरपंच पप्पी भूपेंद्र टंडन द्वारा बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने के लिए “माता लक्ष्मी आगमन सम्मान निधि” योजना चलाई जा रही है। इसके तहत प्रथम और द्वितीय संतान के रूप में बेटी के जन्म पर परिवार को ₹1,000 की सम्मान राशि दी जाती है। इस सराहनीय पहल के लिए सांसद विजय बघेल ने सरपंच को “गौरव सम्मान” से सम्मानित किया।
UNITED NEWS OF ASIA. लोकेश्वर सिंह ठाकुर, दुर्ग। बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने और समाज में उनके प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत बोड़ेगांव में एक सराहनीय पहल की जा रही है। ग्राम पंचायत की सरपंच पप्पी भूपेंद्र टंडन द्वारा शुरू की गई “माता लक्ष्मी आगमन सम्मान निधि” पहल के माध्यम से बेटी के जन्म को परिवार और समाज के लिए खुशी का अवसर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और समाज में लैंगिक समानता के संदेश को बढ़ावा देना है।
इस पहल के अंतर्गत ग्राम बोड़ेगांव में किसी परिवार में प्रथम अथवा द्वितीय संतान के रूप में बेटी का जन्म होने पर संबंधित परिवार को 1,000 रुपये की सम्मान निधि प्रदान की जाती है। इस सम्मान राशि के जरिए नवजात बेटी के आगमन को विशेष रूप से उत्सव के रूप में मनाने का संदेश दिया जा रहा है। पंचायत की यह पहल समाज में बेटियों के महत्व को समझाने और उनके जन्म को लेकर सकारात्मक वातावरण तैयार करने की दिशा में एक प्रयास है।
सरपंच पप्पी भूपेंद्र टंडन की इस पहल की सराहना दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय बघेल ने भी की है। बेटियों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए किए जा रहे प्रयासों को देखते हुए सांसद द्वारा सरपंच को “गौरव सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान ग्राम पंचायत बोड़ेगांव के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।
इस अवसर पर यह संदेश सामने आया कि बेटियों को समान अवसर, सम्मान और प्रोत्साहन देना केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। जब किसी बेटी का जन्म परिवार में खुशियों के साथ स्वीकार किया जाता है और उसे सम्मान दिया जाता है, तो इससे समाज में सकारात्मक बदलाव की राह मजबूत होती है। ग्राम पंचायत स्तर पर शुरू की गई ऐसी पहलें लोगों की सोच बदलने और बेटियों के प्रति भेदभाव कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
“माता लक्ष्मी आगमन सम्मान निधि” के माध्यम से बोड़ेगांव पंचायत ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि बेटी का जन्म किसी भी परिवार के लिए गर्व और खुशी का अवसर है। इस तरह की पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में बालिका जन्म को लेकर जागरूकता बढ़ाने और बेटियों के सम्मान को सामाजिक व्यवहार का हिस्सा बनाने में मदद मिल सकती है।
ग्राम पंचायत बोड़ेगांव की यह पहल बेटियों के सम्मान, समानता और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। सच ही कहा गया है—“बेटी है तो कल है, बेटी का सम्मान ही समाज का अभिमान है।”