उत्तर प्रदेश छात्र संसद में प्रवीण देवांगन ने बढ़ाया बेमेतरा का मान, राष्ट्रीय मंच पर किया छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व
उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित नंदिनी निकेतन में दो और तीन नवंबर को आयोजित उत्तर प्रदेश छात्र संसद में छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। देश के बीस राज्यों के दो सौ से अधिक विद्यार्थियों के बीच बेमेतरा के प्रवीण देवांगन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर अपने विचार रखे। उन्होंने बस्तर में मातृभाषा आधारित शिक्षा और बहुभाषी शिक्षण व्यवस्था के उदाहरण प्रस्तुत कर जिले का मान बढ़ाया।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l बेमेतरा जिले के विद्यार्थी प्रवीण देवांगन ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा और विचारों से जिले का मान बढ़ाया है। उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित नंदिनी निकेतन में दो और तीन नवंबर को आयोजित उत्तर प्रदेश छात्र संसद में उन्होंने छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। इस राष्ट्रीय आयोजन में देश के बीस राज्यों से दो सौ से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। शिक्षा, लोकतांत्रिक संवाद, युवा नेतृत्व और देश की शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर विद्यार्थियों ने अपने विचार रखे।
इस आयोजन में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर के विद्यार्थी प्रवीण देवांगन, पंकज लकरा, सुषमा अग्रवाल और गीतांजलि निषाद शामिल हुए। वहीं बस्तर विश्वविद्यालय से शरदलाल कश्यप ने भी छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। आयोजन में सहभागिता करने वाले सभी प्रतिनिधियों को मेडल और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर प्रवीण देवांगन ने रखे विचार
छात्र संसद के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति यानी एनईपी 2020 की सफलता और प्रभावशीलता पर चर्चा आयोजित की गई। इस चर्चा में प्रवीण देवांगन ने नीति के समर्थन में अपना पक्ष रखा। उन्होंने छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में मातृभाषा आधारित शिक्षा और बहुभाषी शिक्षण व्यवस्था के उदाहरण प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि स्थानीय भाषा में शिक्षा की उपलब्धता विद्यार्थियों को विषयों को बेहतर ढंग से समझने और शिक्षा से जुड़ने में मदद कर सकती है।
उनके विचारों में शिक्षा के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक अवसर पहुंचाने की भावना प्रमुख रही। उन्होंने शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए स्थानीय परिस्थितियों, भाषाओं और जरूरतों से जोड़ने के महत्व को सामने रखा। उनकी सहभागिता से राष्ट्रीय मंच पर बेमेतरा जिले और छत्तीसगढ़ की शैक्षणिक पहचान को प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
छत्तीसगढ़ के अन्य विद्यार्थियों ने भी रखे महत्वपूर्ण मुद्दे
छात्र संसद में छत्तीसगढ़ के अन्य प्रतिनिधियों ने भी अलग-अलग विषयों पर अपनी बात रखी। शरदलाल कश्यप ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सफलता और शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सकारात्मक बदलावों पर विचार व्यक्त किए। गीतांजलि निषाद ने कौशल विकास, विषय चयन की स्वतंत्रता और रोजगारोन्मुख शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया। उनकी उत्कृष्ट सहभागिता और समर्पण के लिए उन्हें ‘बेस्ट डिवोटेड अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया।
वहीं पंकज लकरा ने शिक्षकों की कमी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़ी चुनौतियों को सदन में उठाया। सुषमा अग्रवाल ने विपक्ष की भूमिका निभाते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं पर सवाल और तर्क प्रस्तुत किए। इस तरह छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों ने शिक्षा व्यवस्था के अलग-अलग पक्षों पर अपनी समझ और विचारों का परिचय दिया।
पारंपरिक वेशभूषा में दिखाई छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान
इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों ने पारंपरिक छत्तीसगढ़ी वेशभूषा धारण कर प्रदेश की संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित किया। राज्योत्सव के अवसर पर देश के अलग-अलग राज्यों से आए विद्यार्थियों के बीच छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान प्रस्तुत करना प्रतिनिधिमंडल के लिए विशेष गौरव का विषय रहा।
उत्तर प्रदेश छात्र संसद में प्रवीण देवांगन सहित छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों की सहभागिता ने बेमेतरा जिले और प्रदेश को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई। विद्यार्थियों ने अपने विचारों और सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से यह संदेश दिया कि युवा पीढ़ी शिक्षा, लोकतांत्रिक संवाद और सामाजिक बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।