बेमेतरा के अखिलेश शर्मा को NIT रायपुर से मिली पीएचडी की उपाधि, परिवार में खुशी की लहर
बेमेतरा के अखिलेश शर्मा को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर द्वारा कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विषय में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की गई। तीन नवंबर 2026 को मिली इस उपलब्धि के साथ उन्होंने परिवार और क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। उनका शोध ब्लॉकचेन तकनीक के माध्यम से चिटफंड प्रणाली में सुरक्षा, पारदर्शिता और विश्वास को मजबूत बनाने पर केंद्रित रहा।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l बेमेतरा जिले के लिए गौरव की खबर सामने आई है। जिले के अखिलेश शर्मा ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर से डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि प्राप्त की है। उन्हें यह उपाधि तीन नवंबर 2026 को कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विषय में प्रदान की गई। उनकी इस सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। परिजनों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
अखिलेश शर्मा ने अपने शोध के लिए “Enhancement of Security and Trust in Chit-Fund Using Blockchain Technology” विषय का चयन किया था। उनका शोध चिटफंड प्रणाली में ब्लॉकचेन तकनीक के उपयोग के माध्यम से सुरक्षा, पारदर्शिता और विश्वास को बेहतर बनाने के उपायों पर केंद्रित रहा। इस अध्ययन में तकनीक के जरिए चिटफंड से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की संभावनाओं पर काम किया गया।
ब्लॉकचेन तकनीक और चिटफंड प्रणाली पर किया शोध
आज के डिजिटल दौर में वित्तीय लेन-देन और रिकॉर्ड प्रबंधन में तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ब्लॉकचेन तकनीक को पारदर्शिता और सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड के लिए उपयोगी माना जाता है। अखिलेश शर्मा ने अपने शोध के माध्यम से इसी तकनीक के जरिए चिटफंड प्रणाली में सुरक्षा और विश्वास बढ़ाने से जुड़े पहलुओं का अध्ययन किया है। उनका शोध विषय कंप्यूटर साइंस के साथ-साथ वित्तीय व्यवस्था में तकनीकी नवाचार की संभावनाओं को भी सामने रखता है।
परिवार के मार्गदर्शन और सहयोग से तय किया सफलता का सफर
अखिलेश शर्मा की माता विजयालक्ष्मी शर्मा और पिता पुरुषोत्तम तिवारी हैं, जो खम्हारडीह निवासी हैं। उनकी शैक्षणिक यात्रा की शुरुआती नींव बेमेतरा में उनके मामा जितेंद्र शुक्ला और नाना गोविंद प्रसाद शुक्ला के सानिध्य में पड़ी। परिवार के मार्गदर्शन, सहयोग और प्रोत्साहन से उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ते रहे।
शुरुआती शिक्षा से लेकर शोध कार्य तक का यह सफर उनके परिश्रम, लगन और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। पीएचडी जैसी उच्च शैक्षणिक उपाधि हासिल करना किसी भी शोधार्थी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि होती है। अखिलेश की इस सफलता ने उनके परिवार के साथ-साथ बेमेतरा क्षेत्र के लोगों को भी गौरवान्वित किया है।
परिजनों और शुभचिंतकों ने दी बधाई
अखिलेश शर्मा की इस उपलब्धि पर उनके मामा शरद तिवारी, अंजू तिवारी, दुष्यंत तिवारी, जितेंद्र शुक्ला, ममता शुक्ला, लोकेश्वर शुक्ला, मीरा शुक्ला, रमेश तिवारी, सुनीता तिवारी, आकांक्षा शर्मा, अनिल नेहा शर्मा, राकेश एवं निम्मी, वैशाली अविनाश दुबे और दीपाली तिवारी ने हर्ष व्यक्त किया। सभी ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
परिजनों ने इस उपलब्धि को पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण बताया। अखिलेश शर्मा की सफलता यह संदेश देती है कि निरंतर मेहनत, लगन और परिवार के सहयोग से शिक्षा के क्षेत्र में नए मुकाम हासिल किए जा सकते हैं। NIT रायपुर से पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर उन्होंने अपने परिवार और बेमेतरा जिले का मान बढ़ाया है।