न्यू लुक एथनॉल प्लांट पर पर्यावरण नियमों के उल्लंघन का आरोप, कार्रवाई की मांग
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता नितिन भंसाली ने राजनांदगांव जिले के फुलजार स्थित न्यू लुक बायोफ्यूल्स एथनॉल प्लांट पर पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने दावा किया है कि बिना CO2 प्लांट स्थापित किए इकाई संचालित की जा रही है और इसके संचालन की अनुमति के नवीनीकरण पर रोक लगाने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राजनांदगांव जिले के ग्राम फुलजार स्थित न्यू लुक बायोफ्यूल्स एथनॉल प्लांट के संचालन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता नितिन भंसाली ने आरोप लगाया कि संबंधित उद्योग पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना अनिवार्य CO2 प्लांट स्थापित किए पिछले दो वर्षों से संचालित हो रहा है। उन्होंने इस मामले में तत्काल कार्रवाई और संचालन की अनुमति के नवीनीकरण पर रोक लगाने की मांग की है।
नितिन भंसाली ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि न्यू लुक बायोफ्यूल्स की एथनॉल उत्पादन क्षमता 170 केएल प्रतिदिन है। उनका दावा है कि पर्यावरण स्वीकृति (Environmental Clearance) की प्रमुख शर्तों के अनुसार ऐसे उद्योगों में उत्सर्जित गैसों के नियंत्रण के लिए CO2 रिकवरी प्लांट स्थापित करना अनिवार्य होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अनिवार्य शर्त का पालन किए बिना ही उद्योग का संचालन किया जा रहा है।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित पर्यावरण विभाग नियमों की अनदेखी करते हुए प्लांट को संचालन की सहमति (Consent to Operate-CTO) के नवीनीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। भंसाली का कहना है कि यदि बिना आवश्यक पर्यावरणीय प्रबंधन प्रणाली के प्लांट संचालित होता रहा तो आसपास के ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र में प्रदूषण के कारण लोगों को फेफड़ों, हृदय और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है तथा कृषि भूमि भी प्रभावित होने की शिकायतें मिल रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने इस मामले को लेकर कई बार प्रशासन के समक्ष शिकायतें दर्ज कराई हैं और आंदोलन भी किए हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। कांग्रेस का आरोप है कि इससे क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी है।
नितिन भंसाली ने यह भी दावा किया कि सूचना के अधिकार (आरटीआई) के माध्यम से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार उद्योग के संचालन से जुड़े कुछ आवश्यक अनुमोदनों को लेकर भी प्रश्न उठ रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधानसभा में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में पर्यावरण विभाग द्वारा तथ्यात्मक रूप से गलत जानकारी प्रस्तुत की गई।
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्य सचिव और पर्यावरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही, उद्योग द्वारा पर्यावरणीय नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित होने तक प्लांट के संचालन की अनुमति (CTO) के नवीनीकरण पर रोक लगाने और आवश्यक CO2 प्लांट स्थापित कराने की मांग भी की है।
कांग्रेस का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो पर्यावरण और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए संबंधित उद्योग के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।