बेमेतरा की माटी का दिल्ली में परचम, डॉ. पीयूष जायसवाल ने डीयू छात्रसंघ चुनाव में दर्ज की ऐतिहासिक जीत

बेमेतरा के डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल के प्राचार्य पीएल जायसवाल के सुपुत्र डॉ. पीयूष जायसवाल ने दिल्ली विश्वविद्यालय के शहीद भगत सिंह सांध्य कॉलेज छात्रसंघ चुनाव 2026 में संयुक्त सचिव पद पर जीत दर्ज की है। दी गई जानकारी के अनुसार, उन्होंने स्वतंत्र प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ते हुए अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 674 वोटों के अंतर से हराया। विज्ञान, शोध, कला और वक्तृत्व के क्षेत्र में पहचान बना चुके डॉ. पीयूष की इस सफलता से बेमेतरा और छत्तीसगढ़ में खुशी का माहौल है।

Sep 21, 2026 - 08:48
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बेमेतरा की माटी का दिल्ली में परचम, डॉ. पीयूष जायसवाल ने डीयू छात्रसंघ चुनाव में दर्ज की ऐतिहासिक जीत

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l दिल्ली विश्वविद्यालय के शहीद भगत सिंह सांध्य कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव 2026 में बेमेतरा के डॉ. पीयूष जायसवाल ने संयुक्त सचिव पद पर जीत दर्ज कर जिले और छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। डॉ. पीयूष जायसवाल बेमेतरा के डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल के प्राचार्य पीएल जायसवाल के सुपुत्र हैं। दी गई जानकारी के अनुसार, उन्होंने किसी बड़े राजनीतिक दल के बैनर के बिना स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरकर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 674 वोटों के अंतर से पराजित किया।

डॉ. पीयूष जायसवाल की पहचान केवल छात्र नेता के तौर पर नहीं, बल्कि विज्ञान, शोध, लेखन, कविता, कला और वक्तृत्व के क्षेत्र में भी बताई जाती है। दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश के बाद उनकी बहुमुखी प्रतिभा और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रियता के चलते उनका चयन कॉलेज की सांस्कृतिक और कलात्मक समितियों में हुआ। प्रचार अभियान के दौरान उनके भाषणों और छात्र हित से जुड़े विचारों ने भी छात्रों का ध्यान आकर्षित किया। उनकी जीत को समर्थकों ने छात्र नेतृत्व के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

पीयूष जायसवाल की शैक्षणिक और वैज्ञानिक उपलब्धियों का भी उल्लेख किया गया है। दी गई जानकारी के अनुसार, उन्होंने खगोल भौतिकी और विज्ञान के क्षेत्र में पीएचडी पूरी की है। उन्हें बाल श्रेष्ठ पुरस्कार सहित विभिन्न मंचों पर सम्मान मिल चुका है। उनके बारे में यह भी बताया गया है कि कम उम्र में उन्होंने ब्रह्मांड और भौतिकी से जुड़े विषयों पर लेखन और शोध कार्य किया। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में कम उम्र में खगोल भौतिकी पर शोध के लिए उनका नाम दर्ज होने का भी दावा किया गया है।

वर्ष 2026 में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा डॉ. पीयूष जायसवाल को छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके साथ ही उन्हें 2.50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दिए जाने का भी उल्लेख है। इससे पहले चेन्नई में राज्यपाल पुरस्कार और कलचुरी गौरव रत्न से सम्मानित किए जाने की बात भी सामने आई है।

पीयूष की उपलब्धियों के साथ उनकी छोटी बहन साक्षी जायसवाल का भी उल्लेख किया गया है। दी गई जानकारी के अनुसार, साक्षी भी विज्ञान के क्षेत्र में सक्रिय हैं और उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय तथा राज्यपाल स्तर से सम्मान मिल चुके हैं।

डॉ. पीयूष जायसवाल की दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में जीत की खबर बेमेतरा और छत्तीसगढ़ पहुंचने के बाद उनके परिवार, परिचितों और समर्थकों में खुशी का माहौल है। विभिन्न वर्गों के नागरिकों और कलचुरी-जायसवाल समाज से जुड़े लोगों ने उनकी सफलता पर प्रसन्नता जताई है। समर्थकों का कहना है कि बेमेतरा जैसे शहर से निकलकर राष्ट्रीय राजधानी में विज्ञान, शिक्षा और छात्र नेतृत्व के क्षेत्र में पहचान बनाना युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।