गौठान बंद होने और गौवंश की मौतों को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने बलौदाबाजार-भाटापारा सहित प्रदेश में गौवंश की मौतों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने गौठान बंद होने, चारे की व्यवस्था और गौ संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को लेकर सरकार से जवाब मांगा। कांग्रेस की ओर से जारी बयान में कई आंकड़े और आरोप लगाए गए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने प्रदेश में गौवंश की स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बलौदाबाजार जिले के भाटापारा ब्लॉक के सूरजपुरा गांव में बंद गौठान में 20 गायों की मौत होने की जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि गौठान बंद होने के बाद पशुओं के लिए चारे और संरक्षण की व्यवस्था प्रभावित हुई है। ये दावे कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में किए गए हैं।
सुशील आनंद शुक्ला ने दावा किया कि रायपुर, राजनांदगांव, बलौदाबाजार, बिलासपुर, कवर्धा, महासमुंद और कांकेर सहित विभिन्न जिलों में पिछले एक महीने के दौरान 240 से अधिक गायों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार को गौवंश के संरक्षण और पशुओं के लिए पर्याप्त चारा एवं सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि इस प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर नहीं हुई है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान गौठान निर्माण और गोबर खरीदी जैसी योजनाएं संचालित की गई थीं। उनके अनुसार इन योजनाओं का उद्देश्य पशुपालन को बढ़ावा देना और ग्रामीण परिवारों के लिए आय के अवसर उपलब्ध कराना था। उन्होंने वर्तमान सरकार द्वारा गौठान बंद किए जाने और उनके स्थान पर गौ अभ्यारण्य तथा गोधाम बनाने की घोषणाओं के क्रियान्वयन को लेकर भी सवाल उठाए।
शुक्ला ने कहा कि सरकार की ओर से गोधामों में पशुओं के चारे के लिए प्रति पशुधन प्रतिदिन 10 रुपये आवंटित करने की बात कही गई थी। उन्होंने इस राशि को लेकर सवाल उठाते हुए सरकार से स्पष्ट व्यवस्था और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की।
प्रेस विज्ञप्ति में कांग्रेस ने पशु तस्करी और मांस निर्यात से जुड़े मुद्दे भी उठाए हैं। पार्टी की ओर से भारत के भैंस के मांस के निर्यात को लेकर केंद्र सरकार पर आरोप लगाए गए हैं। उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत ने वित्त वर्ष 2024-25 में 4,060.56 मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य का भैंस का मांस निर्यात किया था। प्रमुख निर्यात बाजारों में वियतनाम, मिस्र, मलेशिया, यूएई और सऊदी अरब शामिल थे।
कांग्रेस ने इन मुद्दों के आधार पर सरकार से गौवंश संरक्षण की व्यवस्था स्पष्ट करने और पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, आश्रय तथा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए राजनीतिक आरोप कांग्रेस के पक्ष के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं।