विकास उपाध्याय ने भाजपा सरकार पर उठाए सवाल, बोले- जब सांसदों की ही सुनवाई नहीं तो आम जनता की फरियाद कौन सुनेगा?
पूर्व संसदीय सचिव एवं छाया सांसद विकास उपाध्याय ने छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के सांसदों ने प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के सामने मंत्रियों द्वारा उनकी सिफारिशों और मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने की शिकायत की है। उपाध्याय ने कहा कि जब जनप्रतिनिधियों की समस्याओं पर सुनवाई नहीं हो रही है, तो आम जनता की शिकायतों के समाधान को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर पूर्व संसदीय सचिव एवं छाया सांसद विकास उपाध्याय ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा के सांसदों की ही समस्याओं और मांगों पर सुनवाई नहीं हो रही है, तो आम जनता की शिकायतों का समाधान कैसे होगा? उन्होंने इसे सरकार की जवाबदेही और जनप्रतिनिधियों के प्रति उसके रवैये से जुड़ा महत्वपूर्ण सवाल बताया है।
27 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में विकास उपाध्याय ने दावा किया कि भाजपा की छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के सामने पूर्व विधायक और सांसदों के बाद वर्तमान सांसदों ने भी मंत्रियों के खिलाफ शिकायतें रखी हैं। उपाध्याय के अनुसार, भाजपा के सांसदों ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार के मंत्री उनकी सिफारिशों और मांगों पर ध्यान नहीं देते तथा उनके कहने पर काम नहीं किए जाते। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से सांसदों से कहा जा रहा है कि वे केवल पत्र लिख दें, काम तो कार्यकर्ता ही करवा लेंगे।
विकास उपाध्याय ने कहा कि लोकतंत्र में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की बात सुनना और उनकी ओर से उठाई गई जनसमस्याओं का निराकरण करना सरकार की जिम्मेदारी है। जब सांसदों को ही अपनी बात रखने और समस्याओं का समाधान कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, तो आम नागरिकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जनता अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर सरकारी कार्यालयों तक पहुंचती है, लेकिन शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
उन्होंने प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था और रोजमर्रा की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि आम नागरिक इन मुद्दों पर सरकार से जवाब चाहता है। विकास उपाध्याय के मुताबिक, यदि जनता की शिकायतें शासन तक नहीं पहुंचतीं या उन पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था का उद्देश्य प्रभावित होता है।
कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि क्या छत्तीसगढ़ में सरकार केवल सत्ता संचालन के लिए है या जनता की समस्याओं का समाधान करना भी उसकी प्राथमिकता है? उन्होंने राज्य सरकार से स्पष्ट करने की मांग की कि जनप्रतिनिधियों की सिफारिशों और आम नागरिकों की शिकायतों पर कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है। उन्होंने कहा कि जनता को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समस्याओं का ठोस समाधान चाहिए।
विकास उपाध्याय ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता का अहंकार नहीं, बल्कि जनसेवा का भाव सर्वोपरि होना चाहिए। सरकार को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करते हुए जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सांसदों की आवाज यदि शासन तक नहीं पहुंच रही है, तो आम जनता की पुकार का क्या होगा, यह सवाल सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए।
यह बयान विकास उपाध्याय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। इसमें भाजपा सांसदों की ओर से मंत्रियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का उल्लेख किया गया है। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया विज्ञप्ति में शामिल नहीं है।