दुगली में 13 नवंबर को सजेगा माता अंगार मोती का दरबार, फूल मंडाई और चिन्हारी महोत्सव की तैयारियां तेज, प्रतिभाओं का होगा सम्मान

धमतरी जिले के नगरी विकासखंड अंतर्गत दुगली में 13 नवंबर 2026 को माता अंगार मोती की पारंपरिक फूल मंडाई और चिन्हारी महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। अंगार मोती सेवा समिति एवं लोककला संस्कृति विचार मंच की बैठक में सर्वसम्मति से आयोजन का निर्णय लिया गया। महोत्सव में शहीद परिवार, पूर्व सैनिकों, प्रतिभावान विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, कलाकारों, पत्रकारों और बुजुर्गों को सम्मानित करने की तैयारी है।

Oct 30, 2026 - 08:32
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दुगली में 13 नवंबर को सजेगा माता अंगार मोती का दरबार, फूल मंडाई और चिन्हारी महोत्सव की तैयारियां तेज, प्रतिभाओं का होगा सम्मान

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी वनांचल क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दुगली में आस्था, परंपरा और लोकसंस्कृति का भव्य संगम देखने को मिलेगा। ग्राम की आराध्य देवी माता अंगार मोती की पारंपरिक फूल मंडाई एवं चिन्हारी महोत्सव का आयोजन 13 नवंबर 2026, शुक्रवार को धूमधाम से किया जाएगा। आयोजन को लेकर अंगार मोती सेवा समिति एवं लोककला संस्कृति विचार मंच दुगली ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। समिति की बैठक में सर्वसम्मति से फूल मंडाई और चिन्हारी महोत्सव आयोजित करने का प्रस्ताव पारित किया गया।

माता अंगार मोती प्रांगण दुगली में अंगार मोती सेवा समिति के अध्यक्ष सुरेन्द्र राज ध्रुव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोजन की रूपरेखा, व्यवस्थाओं और विभिन्न कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि इस वर्ष भी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ फूल मंडाई का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और सफल बनाने के लिए कार्य समिति का गठन भी किया गया।

बैठक में आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं के संचालन के लिए युवा प्रभाग के सदस्यों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इनमें अनिल यादव, भावसिंह मरकाम, मनहरण लाल टांडेश, केशव नेताम, तोषण मरकाम, वरुण देव नेताम, आदित्य तिवारी, शिवा नेताम, तुषार मंडावी, घनश्याम मरकाम, मनीष नेताम, खुशहाल शिन्दे, नमन नेताम, मिथलेश नेताम, हरिशंकर मरकाम, सुखनंदन मरकाम, घुराऊ राम यादव और अंकुश सहित अन्य युवाओं को आयोजन की तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभाने की जिम्मेदारी दी गई।

इस वर्ष फूल मंडाई के साथ आयोजित होने वाले चिन्हारी महोत्सव में विशेष सम्मान समारोह भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। समिति द्वारा लगातार ग्यारहवें संस्करण के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों और प्रतिभाओं को सम्मानित करने की तैयारी की जा रही है। कार्यक्रम में शहीद निर्मल सिंह नेताम के परिजनों का विशेष सम्मान किया जाएगा। इसके साथ ही देश सेवा में योगदान देने वाले सेवानिवृत्त सैनिकों को भी सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है।

छत्तीसगढ़ की पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियों और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्थानीय वैद्य संघ के सदस्यों को सम्मानित किया जाएगा। वनांचल क्षेत्र के दसवीं और बारहवीं कक्षा के टॉपर विद्यार्थियों को प्रतिभावान छात्र सम्मान प्रदान करने की भी तैयारी है। इसके अतिरिक्त शहीद निर्मल सिंह नेताम शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुगली के उन खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने स्कूली खेल प्रतियोगिताओं में राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचकर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।

चिन्हारी महोत्सव में छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति को आगे बढ़ाने वाले कलाकारों के सम्मान पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पत्रकारों और ग्राम के बुजुर्गों को सम्मानित करने की योजना बनाई गई है। समिति का उद्देश्य आयोजन के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।

बैठक में समिति के उपाध्यक्ष सीताराम नेताम, कोषाध्यक्ष शंकरलाल नेताम, महासचिव मनहरण टांडेश, सहसचिव भावसिंह मरकाम, संरक्षक एवं ग्राम पंचायत दुगली के सरपंच रामेश्वर मरकाम, श्यामा चरण मंडावी, बसंत सिंह नरेटी, शंभु मरकाम, संतोष कुमार सोरी, आशाराम ओटी, कुंदन नेताम और भीखम सिंह मरकाम सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

आयोजन समिति ने सभी सदस्यों से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। 13 नवंबर को आयोजित होने वाली माता अंगार मोती की फूल मंडाई और चिन्हारी महोत्सव में धार्मिक आस्था, आदिवासी परंपराओं, लोककला और प्रतिभा सम्मान का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। यह आयोजन दुगली की सांस्कृतिक पहचान को सहेजने और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।