सीने में आग, मुँह में शक्कर, सिर में बर्फ और पैर में चक्कर... सच्चे युवा की पहचान बताकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने युवाओं को दिया संदेश

रायपुर के दिशा कॉलेज में आयोजित ‘विकसित भारत युवा संवाद’ कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने युवाओं से संवाद किया। उन्होंने पहली बार मतदान करने जा रहे छात्र-छात्राओं को व्यक्तिगत मुद्दों से ऊपर उठकर शिक्षा, सड़क, बिजली, पानी, रोजगार और देश के समग्र विकास को ध्यान में रखकर मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सच्चे युवा में जोश, मधुर व्यवहार, धैर्य और सक्रियता जैसे गुण होने चाहिए।

Oct 30, 2026 - 10:40
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सीने में आग, मुँह में शक्कर, सिर में बर्फ और पैर में चक्कर... सच्चे युवा की पहचान बताकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने युवाओं को दिया संदेश

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l युवाओं में जोश, मधुर व्यवहार, धैर्य और सक्रियता का होना जरूरी है। सीने में आग, मुँह में शक्कर, सिर में बर्फ और पैर में चक्कर रखने वाला व्यक्ति ही सच्चा युवा है। यह बात सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर के दिशा कॉलेज में आयोजित ‘विकसित भारत युवा संवाद’ कार्यक्रम में कही। ‘माई भारत’ के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का विषय ‘नो योर वोट’ रहा, जिसमें सांसद ने छात्र-छात्राओं से लोकतंत्र, मतदान के महत्व और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की।

कार्यक्रम के दौरान छात्रा करीना डेका ने पहली बार मतदान करते समय सही निर्णय लेने के आधार को लेकर सवाल पूछा। इसके जवाब में बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि युवा केवल 15 से 30 वर्ष की उम्र के लोगों को नहीं कहा जा सकता। युवा वह है, जिसके सीने में आग यानी कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, मुँह में शक्कर यानी बातचीत में मिठास हो, सिर में बर्फ यानी कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और समझदारी हो तथा पैर में चक्कर यानी सक्रियता और निरंतर आगे बढ़ने की क्षमता हो। उन्होंने कहा कि यदि 80 वर्ष के व्यक्ति में भी ये चारों गुण मौजूद हैं, तो वह भी वास्तव में युवा है।

वैश्विक परिस्थितियों और भारत की विविधता पर बात करते हुए सांसद ने कहा कि आज का युवा सोशल मीडिया के माध्यम से पूरी दुनिया से जुड़ा हुआ है। ऐसे में कई बार युवाओं के मन में सवाल उठता है कि अमेरिका, जापान और जर्मनी जैसी सुविधाएं भारत में क्यों नहीं हो सकतीं। उन्होंने कहा कि इस तुलना के दौरान देश की विशाल आबादी और भौगोलिक विविधताओं को भी समझना जरूरी है। हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों और पोर्ट ब्लेयर की परिस्थितियां अलग हैं। इसी तरह छत्तीसगढ़ में सरगुजा, बस्तर और मैदानी इलाकों की जरूरतें और परिस्थितियां भी एक-दूसरे से अलग हैं।

बृजमोहन अग्रवाल ने पहली बार मतदान करने जा रहे युवाओं से अपील की कि वे वोट डालते समय विकास को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि मतदाता को यह विचार करना चाहिए कि शिक्षा, सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी जरूरतों का स्थायी समाधान कौन दे सकता है। युवाओं को केवल व्यक्तिगत मुद्दों या तात्कालिक परिस्थितियों के आधार पर निर्णय लेने के बजाय व्यापक जनहित और बेहतर नीतियों को ध्यान में रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में मतदान को लेकर जनता की सोच और चुनावी विमर्श में बदलाव आया है। उनके अनुसार, पहले चुनावों में राजनीतिक समीकरणों को अधिक महत्व दिया जाता था, जबकि अब सड़क, पानी, बिजली, रोजगार, किसानों की उपज का उचित मूल्य और भारत की आर्थिक नीतियों जैसे विकास से जुड़े मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में हैं।

सांसद ने युवाओं को लोकतंत्र में अपनी जिम्मेदारी समझने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पहली बार मतदान करना केवल एक अधिकार का उपयोग नहीं, बल्कि देश के भविष्य को दिशा देने का महत्वपूर्ण अवसर है।

कार्यक्रम में दिशा कॉलेज के प्राचार्य ए.के. तिवारी, रमन पटेल, सुयश पांडे, अर्पित तिवारी सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।