शिवनंदनपुर में 65.07 लाख रुपये से बनेगा एमआरएफ-एसएलआरएम सेंटर, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने किया भूमिपूजन
सूरजपुर जिले की नगर पंचायत शिवनंदनपुर में 65.07 लाख रुपये की लागत से एमआरएफ-एसएलआरएम सेंटर का निर्माण किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस केंद्र के माध्यम से कचरे के पृथक्करण, पुनर्चक्रण और व्यवस्थित अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष रितेश जायसवाल सहित जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
UNITED NEWS OF ASIA. सूरजपुर l छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले की नगर पंचायत शिवनंदनपुर में शहरी स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में पहल की गई है। यहां 65.07 लाख रुपये की लागत से एमआरएफ-एसएलआरएम सेंटर का निर्माण कराया जाएगा। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने 2 नवंबर 2026 को निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस केंद्र के बनने से नगर में कचरे के पृथक्करण, पुनर्चक्रण और व्यवस्थित अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
नगर पंचायत शिवनंदनपुर में प्रस्तावित एमआरएफ-एसएलआरएम सेंटर को शहरी स्वच्छता व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके माध्यम से नगर में एकत्रित होने वाले कचरे के प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। केंद्र का उद्देश्य कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटने और उपयोगी सामग्री के पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना है। इससे अपशिष्ट प्रबंधन की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में सहायता मिल सकती है।
एमआरएफ यानी मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी केंद्र में कचरे से पुनः उपयोग योग्य सामग्री को अलग करने और उसके पुनर्चक्रण की व्यवस्था विकसित की जाती है। वहीं एसएलआरएम यानी सॉलिड लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट के तहत ठोस और तरल अपशिष्ट के बेहतर प्रबंधन पर जोर दिया जाता है। इस तरह के केंद्र स्थानीय निकायों को कचरे के संग्रहण, पृथक्करण और निस्तारण की व्यवस्था मजबूत करने में मदद करते हैं।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस निर्माण कार्य का भूमिपूजन करते हुए इसे स्वच्छ एवं सुंदर शिवनंदनपुर के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। प्रस्तावित केंद्र से नगर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिलने और कचरे के व्यवस्थित प्रबंधन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही नगर में स्वच्छता से जुड़े प्रयासों को अधिक प्रभावी बनाने में भी सहायता मिल सकती है।
शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आबादी और दैनिक गतिविधियों के कारण कचरे का उचित प्रबंधन स्थानीय निकायों के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती है। यदि कचरे को स्रोत पर अलग किया जाए और पुनर्चक्रण योग्य सामग्री का सही उपयोग हो, तो अपशिष्ट की मात्रा कम करने में मदद मिल सकती है। शिवनंदनपुर में एमआरएफ-एसएलआरएम सेंटर का निर्माण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भूमिपूजन कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष रितेश जायसवाल, बाबूलाल अग्रवाल, अजय गोयल, ललित गोयल, मनीबग्गा, अंशुल गोयल सहित जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। स्थानीय स्तर पर इस केंद्र के निर्माण से नगर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।
अब निर्माण कार्य पूरा होने के बाद केंद्र के संचालन और प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था लागू होने पर इसकी वास्तविक उपयोगिता सामने आएगी। इसके लिए नियमित कचरा पृथक्करण, नागरिकों की भागीदारी और नगर पंचायत की निगरानी भी महत्वपूर्ण होगी।