एसआईआर के जरिए वोट चोरी का आरोप, डॉ. लक्ष्मी ध्रुव ने भाजपा सरकार और मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर साधा निशाना
सिहावा विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव ने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ आंदोलन में शामिल होकर केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के माध्यम से मतदाता सूची में गड़बड़ी कर वोट चोरी की कोशिश की जा रही है और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस पूरी प्रक्रिया के जिम्मेदार हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर सवाल उठाए।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l सिहावा विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ आंदोलन में शामिल होते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के माध्यम से भाजपा मतदाता सूची में गड़बड़ी कर वोट चोरी करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधते हुए उन्हें इस कथित प्रक्रिया का मास्टरमाइंड बताया।
डॉ. लक्ष्मी ध्रुव ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में देशभर से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उनके अनुसार, रामलीला मैदान में 15 लाख से अधिक लोगों की मौजूदगी ने यह संदेश दिया है कि लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा को लेकर देश के विभिन्न वर्गों में चिंता है। उन्होंने कहा कि ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ आंदोलन लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए जरूरी है।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल में देश की संपत्तियों और संस्थाओं को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह न्यायपालिका की निष्पक्षता लोकतंत्र के लिए जरूरी है, उसी तरह निर्वाचन आयोग का स्वतंत्र और निष्पक्ष रहना भी आवश्यक है। ध्रुव का आरोप है कि एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची में बदलाव कर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की भूमिका पर उठ रहे सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए, ताकि चुनाव व्यवस्था पर जनता का भरोसा बना रहे।
डॉ. ध्रुव ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने और राजनीतिक नारे लगाने तक सीमित नहीं है। लोकतंत्र की वास्तविक पहचान यह है कि प्रत्येक नागरिक बिना किसी भय के अपनी बात रख सके, संवैधानिक संस्थाएं स्वतंत्र रूप से काम करें, विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिले और सरकार जनता के प्रति जवाबदेह बनी रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान परिस्थितियों में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और संवैधानिक मर्यादाओं को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देशभर के विभिन्न संगठनों और लोगों की एकजुटता इस बात का संकेत है कि नागरिक लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर सजग हैं। ध्रुव ने आरोप लगाया कि देश को कुछ लोगों के इशारे पर चलाने की कोशिश की जा रही है और नागरिकों की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनता को आवाज उठाने की जरूरत है।
कांग्रेस की भूमिका का उल्लेख करते हुए पूर्व विधायक ने कहा कि पार्टी आजादी के आंदोलन से लेकर संविधान निर्माण और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने तक महत्वपूर्ण योगदान देती रही है। उनके अनुसार, कांग्रेस हमेशा संविधान, सामाजिक न्याय और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती आई है। उन्होंने कहा कि जब लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और नागरिक अधिकारों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तब लोकतंत्र बचाने के लिए आवाज उठाना जरूरी है।
डॉ. लक्ष्मी ध्रुव के बयान में एसआईआर और निर्वाचन आयोग को लेकर लगाए गए आरोप राजनीतिक हैं। निर्वाचन आयोग और भाजपा की ओर से इन आरोपों पर संबंधित प्रतिक्रिया इस बयान में उपलब्ध नहीं है।