सरगुजा संभाग में अतिथि शिक्षक के चयन पर विवाद, जांच के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पेंडारी में अतिथि शिक्षक राजपति यादव के चयन को लेकर विवाद सामने आया है। शिकायतकर्ता मयंक सिंह का आरोप है कि जांच में शिक्षक के छत्तीसगढ़ का मूल निवासी नहीं होने और चयन में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई थी। जिला शिक्षा अधिकारी ने सेवा समाप्ति की अनुशंसा की, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं होने पर आयुक्त सरगुजा संभाग से उच्च स्तरीय शिकायत की गई है। कार्यालय के एक कर्मचारी पर मामले को दबाने और भ्रामक जानकारी देने के आरोप भी लगाए गए हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड वाड्रफनगर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पेंडारी में अतिथि शिक्षक के चयन को लेकर विवाद सामने आया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि चयन प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हुआ और जांच में अनियमितताएं सामने आने के बावजूद संबंधित शिक्षक के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं की गई है। मामले को लेकर आयुक्त सरगुजा संभाग के समक्ष उच्च स्तरीय शिकायत दर्ज कराई गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला सक्ती के मसानिया कला निवासी मयंक सिंह ने 12 मई 2026 को आयुक्त सरगुजा संभाग के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत में विद्यालय में अतिथि शिक्षक के पद पर पदस्थ राजपति यादव के चयन पर सवाल उठाए गए थे। शिकायतकर्ता का आरोप था कि राजपति यादव मध्य प्रदेश के निवासी हैं और उनका चयन निर्धारित नियमों के विपरीत किया गया है।
जांच प्रतिवेदन में अनियमितताओं का उल्लेख
शिकायत के बाद आयुक्त के निर्देश पर संयुक्त संचालक शिक्षा, सरगुजा संभाग के माध्यम से मामले की जांच कराई गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जिला शिक्षा अधिकारी बलरामपुर-रामानुजगंज ने पत्र क्रमांक 9491/स्कूल शिक्षा/जांच/2026, दिनांक 29 सितंबर 2026 के जांच प्रतिवेदन में उल्लेख किया कि राजपति यादव छत्तीसगढ़ के मूल निवासी नहीं हैं और उनका चयन नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया। इस आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने शासन के निर्देशों के विपरीत चयन को देखते हुए उनकी सेवाएं तत्काल समाप्त करने की अनुशंसा की थी।
कार्रवाई में देरी पर उठाए सवाल
शिकायतकर्ता मयंक सिंह का कहना है कि जांच प्रतिवेदन में अनियमितताओं का उल्लेख होने और जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से सेवा समाप्ति की अनुशंसा किए जाने के बावजूद संयुक्त संचालक शिक्षा कार्यालय द्वारा अब तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने इस देरी पर सवाल उठाते हुए विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय करने की मांग की है।
शिकायत में संयुक्त संचालक शिक्षा कार्यालय, अंबिकापुर की जांच शाखा में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी विकास यादव पर भी आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि संबंधित कर्मचारी आरोपी अतिथि शिक्षक को संरक्षण दे रहे हैं और सूचना का अधिकार यानी आरटीआई के आवेदनों पर भ्रामक या गलत जानकारी उपलब्ध कराई गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है।
आयुक्त से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
मयंक सिंह ने आयुक्त सरगुजा संभाग से मांग की है कि जांच प्रतिवेदन के बाद भी कार्रवाई लंबित रहने का कारण स्पष्ट किया जाए। यदि जानबूझकर कार्रवाई रोकी गई है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। शिकायत में विकास यादव सहित संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष समीक्षा करने और प्रकरण में हुई कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप में उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
अब इस मामले में प्रशासन और शिक्षा विभाग की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी। शिकायत में लगाए गए आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष और विभागीय स्तर पर होने वाली कार्रवाई सामने आने के बाद ही पूरे प्रकरण की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।