रायपुर के स्कूल में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला, कार्यक्रम की अनुमति और प्रबंधन की भूमिका पर उठे सवाल

रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित श्री गुजराती मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम का कथित वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम में काजल ‘हिन्दुस्तानी’ ने इस्लाम धर्म और मुस्लिम महिलाओं के हिजाब को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और विद्यार्थियों से विवादित नारे लगवाए गए। मामले में स्कूल प्रबंधन, कार्यक्रम आयोजकों और वक्ता की भूमिका की जांच की मांग की गई है।

Sep 20, 2026 - 07:48
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रायपुर के स्कूल में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला, कार्यक्रम की अनुमति और प्रबंधन की भूमिका पर उठे सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित श्री गुजराती मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान काजल ‘हिन्दुस्तानी’ ने इस्लाम धर्म और मुस्लिम महिलाओं के हिजाब को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इसके साथ ही स्कूली छात्र-छात्राओं से कथित तौर पर विवादित नारे भी लगवाए गए। वीडियो सामने आने के बाद कार्यक्रम के आयोजन, स्कूल प्रबंधन की भूमिका और विद्यार्थियों की मौजूदगी में प्रस्तुत की गई सामग्री को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए थाना देवेंद्र नगर में आवेदन दिया है। आवेदन में कथित वायरल वीडियो की सत्यता की जांच करने के साथ ही कार्यक्रम में दिए गए वक्तव्य और विद्यार्थियों से लगाए गए कथित नारों की भी जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि वीडियो में दिखाई और सुनाई दे रही बातें जांच में सही पाई जाती हैं, तो कार्यक्रम की अनुमति देने वाले जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी सामने आनी चाहिए।

मामले में प्रमुख सवाल यह उठाया गया है कि शैक्षणिक संस्थान के परिसर में विद्यार्थियों की मौजूदगी के बीच इस प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति किस स्तर पर दी गई। शिकायतकर्ता ने यह भी मांग की है कि पुलिस इस बात की जांच करे कि कार्यक्रम से पहले स्कूल प्रबंधन को वक्ता के विषय और भाषण की जानकारी थी या नहीं। साथ ही कार्यक्रम की अनुमति किसने दी और आयोजन की जिम्मेदारी किन लोगों की थी, इसका भी पता लगाने की मांग की गई है।

शिकायत में काजल ‘हिन्दुस्तानी’ के कथित बयान के साथ-साथ कार्यक्रम के आयोजकों और स्कूल प्रबंधन की भूमिका की जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को शिक्षा, अनुशासन और आपसी सम्मान से जुड़े मूल्यों से परिचित कराने पर जोर होना चाहिए। ऐसे में किसी कार्यक्रम के दौरान धार्मिक या सामाजिक रूप से संवेदनशील विषय पर की गई कथित टिप्पणी को लेकर स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी और निगरानी व्यवस्था की जांच जरूरी है।

शिकायतकर्ता ने पुलिस से मांग की है कि वायरल वीडियो की वास्तविकता की तकनीकी जांच की जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि वीडियो में दिखाई देने वाली सामग्री पूरी और वास्तविक है या उसमें किसी प्रकार का बदलाव किया गया है। इसके साथ ही कार्यक्रम की अनुमति, आयोजकों की भूमिका और वक्ता के कथित बयान की परिस्थितियों की भी जांच की जाए। यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं और किसी प्रकार का कानूनी उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित व्यक्ति, आयोजकों अथवा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।

फिलहाल पूरे मामले में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में किए गए दावे कितने तथ्यात्मक हैं और कार्यक्रम के आयोजन में स्कूल प्रबंधन अथवा अन्य जिम्मेदार लोगों की क्या भूमिका रही। मामले ने स्कूल परिसरों में आयोजित होने वाले बाहरी कार्यक्रमों की निगरानी, अनुमति प्रक्रिया और विद्यार्थियों के सामने प्रस्तुत की जाने वाली सामग्री को लेकर जवाबदेही का मुद्दा जरूर खड़ा कर दिया है।