रायपुर में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2026 पर जागरूकता कार्यक्रम, 600 से 700 लोगों ने लिया हिस्सा
रायपुर के सेंट पॉल कैथेड्रल में जागरण जनसेवा फाउंडेशन की ओर से धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2026 पर जागरूकता एवं विचार-विमर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में 600 से 700 लोगों ने भाग लिया। विधिक विशेषज्ञों ने कानून, कानूनी प्रक्रियाओं, अधिकारों और नागरिक दायित्वों से संबंधित जानकारी साझा की।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2026 को लेकर जागरूकता एवं विचार-विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जागरण जनसेवा फाउंडेशन की ओर से सेंट पॉल कैथेड्रल में आयोजित इस कार्यक्रम का विषय “धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2026 : ईसाई समाज के अधिकार, लाभ एवं अवसर” रखा गया। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में लगभग 600 से 700 लोगों ने सहभागिता की। इसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के साथ महाराष्ट्र और लेह-लद्दाख से आए लगभग 180 पास्टर एवं प्रचारक भी शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य कानून से संबंधित जानकारी, कानूनी प्रक्रियाओं, अधिकारों और नागरिक दायित्वों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सामाजिक सद्भाव को प्रोत्साहित करना था।
प्रार्थना और आराधना के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन की अध्यक्ष एवं बिशप राइट रेव. डॉ. सुषमा कुमार उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना और आराधना के साथ हुई। इस दौरान वक्ताओं ने बाइबल की शिक्षाओं के माध्यम से प्रेम, विश्वास, सत्य, नैतिकता, सेवा और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया। कार्यक्रम में बिशप, पास्टर, धार्मिक अगुवे, विधि विशेषज्ञ और सामाजिक प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।
विधिक विशेषज्ञों ने दी कानून से संबंधित जानकारी
कार्यक्रम के विधिक सत्र में अधिवक्ता महेश कुमार शर्मा, अधिवक्ता अमित बरवड़ और उनकी टीम ने धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2026 तथा उससे संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं पर जानकारी साझा की। वक्ताओं ने कानून के प्रावधानों को समझने, विधिक प्रक्रियाओं का सम्मान करने तथा अपने अधिकारों और दायित्वों के प्रति जागरूक रहने के महत्व पर चर्चा की। उपस्थित लोगों के सवालों और जिज्ञासाओं का समाधान करने का भी प्रयास किया गया। हालांकि, अधिनियम के वास्तविक प्रावधानों और लागू स्थिति की पुष्टि आधिकारिक कानूनी स्रोतों से किया जाना आवश्यक है।
कानून के सम्मान और सामाजिक दायित्वों पर जोर
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कानून के सम्मान और पालन के साथ बाइबल की शिक्षाओं के अनुरूप जीवन जीने का संकल्प व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि प्रेम, सत्यनिष्ठा, ईमानदारी, अनुशासन और सेवा जैसे मूल्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में ईसाई समाज की सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
जागरण जनसेवा फाउंडेशन ने जताया आभार
जागरण जनसेवा फाउंडेशन की अध्यक्ष रुपिका लॉरेंस और अशिमा वानी के प्रयासों से आयोजित कार्यक्रम में शर्यशुब वानी, परसीस सैमुएल, किरण सिंग, मंजुला वानी, प्रीति यादव, पल्लवी मिंज, राहुल करीम, संजय सोलोमन और लोकेश सिंह सहित अन्य लोगों ने सहयोग प्रदान किया। रेव. सुबोध कुमार, रेव. प्रणय टोप्पो, रेव. समीर फ्रैंकलिन, रेव. सुनील कुमार और रेव. सेलैश ल्यूक सोलोमन ने भी अपने संदेशों के माध्यम से उपस्थित लोगों का मार्गदर्शन किया।
संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि कानूनी जानकारी उपलब्ध कराना, समाज में जागरूकता बढ़ाना और सकारात्मक संवाद के माध्यम से सामाजिक एकता को मजबूत करना संस्था की प्राथमिकताओं में शामिल है। कार्यक्रम का समापन शांति, सद्भाव, सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के संकल्प के साथ हुआ। अंत में राष्ट्रगान गाया गया।