छत्तीसगढ़ में नशे के नेटवर्क पर होगा प्रहार, तस्करों की संपत्ति कुर्क करने के निर्देश

छत्तीसगढ़ में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि कार्रवाई केवल छोटे विक्रेताओं तक सीमित न रहे, बल्कि नशे के उत्पादन, परिवहन, सप्लाई और बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच की जाए। अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर नियमानुसार कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, 31 दिसंबर 2026 तक छह माह से अधिक पुराने जब्त मादक पदार्थों के विधिसम्मत नष्टीकरण का लक्ष्य रखा गया है।

Oct 28, 2026 - 20:03
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छत्तीसगढ़ में नशे के नेटवर्क पर होगा प्रहार, तस्करों की संपत्ति कुर्क करने के निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर l छत्तीसगढ़ में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ राज्य सरकार कार्रवाई तेज करने की तैयारी में है। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नशे के कारोबार में शामिल छोटे विक्रेताओं तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि उत्पादन, परिवहन, आपूर्ति, वितरण और बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क की पहचान कर उसके खिलाफ प्रभावी कदम उठाए जाएं। सरकार का जोर बड़े तस्करों, वित्तीय सहयोगियों और संगठित गिरोहों तक पहुंचकर अवैध कारोबार की जड़ों पर प्रहार करने पर है।

28 अक्टूबर 2026 को नवा रायपुर के मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में मादक पदार्थों की रोकथाम और नियंत्रण से संबंधित कार्रवाई की जिलावार समीक्षा की गई। बैठक में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों, मादक पदार्थों की जब्ती, तस्करों के खिलाफ कार्रवाई, संपत्ति कुर्की, वाहनों के राजसातीकरण और जब्त मादक पदार्थों के नष्टीकरण की स्थिति पर चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक प्रकरण में नशीले पदार्थों के स्रोत, परिवहन मार्ग, आपूर्तिकर्ताओं, स्थानीय विक्रेताओं और कारोबार को संचालित करने वाले लोगों की पहचान की जाए।

विजय शर्मा ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान समाज और देश की सेवा से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है। युवाओं को नशे से बचाना और उनके भविष्य को सुरक्षित रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने तथा जनजागरूकता अभियान में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए।

बैठक में नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर नियमानुसार कुर्की और जब्ती की कार्रवाई तेज करने पर भी जोर दिया गया। वित्तीय लेन-देन की जांच के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट और वित्तीय एवं विधिक विशेषज्ञों को शामिल करते हुए विशेष समिति गठित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा नशीली दवाओं और सूखे नशे के अवैध कारोबार पर नियंत्रण के लिए मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच करने तथा स्कूल-कॉलेजों के आसपास संवेदनशील स्थानों की निगरानी बढ़ाने को कहा गया।

मादक पदार्थों की तस्करी में इस्तेमाल किए गए वाहनों के राजसातीकरण और नीलामी की प्रक्रिया भी समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को कहा गया कि पात्र मामलों में आगामी तीन माह के भीतर अधिक से अधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, 31 दिसंबर 2026 तक छह माह से अधिक पुराने, यानी 30 जून 2026 तक जब्त किए गए उन मादक पदार्थों का विधिसम्मत नष्टीकरण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिनके निस्तारण की कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

एनडीपीएस मामलों में गुणवत्तापूर्ण जांच, पर्याप्त साक्ष्य और प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने के साथ लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण पर भी जोर दिया गया। सरकार ने आम नागरिकों से नशे के अवैध कारोबार की जानकारी साझा करने की अपील करते हुए राष्ट्रीय मादक पदार्थ निषेध हेल्पलाइन 1933 का प्रचार-प्रसार बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।