शासकीय महाविद्यालय अमरवाड़ा बना जिला स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता का चैंपियन, खिलाड़ियों ने दिखाया दम
छिंदवाड़ा जिले के शासकीय महाविद्यालय बिछुआ में 27 और 28 अक्टूबर 2026 को आयोजित जिला स्तरीय अंतरमहाविद्यालयीन कुश्ती प्रतियोगिता में शासकीय महाविद्यालय अमरवाड़ा ने बालक वर्ग में चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। संतकुमार, चैनकुमार, हरिओम और महेश ने शानदार प्रदर्शन कर महाविद्यालय का नाम रोशन किया।
UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञराज पटेल, छिंदवाड़ा l जिला स्तरीय अंतरमहाविद्यालयीन कुश्ती प्रतियोगिता में शासकीय महाविद्यालय अमरवाड़ा के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बालक वर्ग में चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है। यह प्रतियोगिता 27 और 28 अक्टूबर 2026 को शासकीय महाविद्यालय बिछुआ में आयोजित की गई, जिसमें अमरवाड़ा महाविद्यालय के खिलाड़ियों ने अपने-अपने भार वर्ग में उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन कर महाविद्यालय का नाम रोशन किया। इस उपलब्धि से महाविद्यालय परिसर में खुशी का माहौल है।
प्रतियोगिता के दौरान शासकीय महाविद्यालय अमरवाड़ा के खिलाड़ियों ने कुश्ती के मुकाबलों में अपनी मेहनत, लगन, अनुशासन और खेल कौशल का परिचय दिया। खिलाड़ियों ने प्रतिस्पर्धा के दौरान बेहतर प्रदर्शन करते हुए बालक वर्ग में महाविद्यालय को चैंपियन का खिताब दिलाया। विजेता खिलाड़ियों में संतकुमार, चैनकुमार, हरिओम और महेश शामिल हैं। इन खिलाड़ियों की सफलता को उनकी नियमित मेहनत, अभ्यास और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम माना जा रहा है।
जिला स्तरीय अंतरमहाविद्यालयीन कुश्ती प्रतियोगिता में मिली इस सफलता से न केवल खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ा है, बल्कि महाविद्यालय के अन्य विद्यार्थियों को भी खेल गतिविधियों में भाग लेने की प्रेरणा मिलेगी। महाविद्यालय में खेलों को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों की प्रतिभा को आगे लाने के लिए इस तरह की प्रतियोगिताएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कुश्ती जैसे पारंपरिक खेल में विद्यार्थियों की भागीदारी शारीरिक क्षमता, अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को मजबूत करती है।
इस उपलब्धि पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. आर. झरिया, वरिष्ठ प्राध्यापक ज्योति सूर्यवंशी और क्रीड़ा अधिकारी डॉ. शिप्रा मालवी सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा भविष्य में भी इसी तरह मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
महाविद्यालय परिवार ने इस उपलब्धि को खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन, लगन और खेल भावना का परिणाम बताया। बालक वर्ग में चैंपियन बनने की सफलता से महाविद्यालय का गौरव बढ़ा है। खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन ने यह संदेश दिया है कि निरंतर अभ्यास, समर्पण और दृढ़ इच्छाशक्ति से खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। महाविद्यालय परिवार को उम्मीद है कि ये खिलाड़ी आगे भी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर संस्थान और क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।