छिंदवाड़ा के जमुनिया में जैविक सब्जी, फल एवं औषधि बाजार का शुभारंभ, केंचुआ बैंक की भी हुई शुरुआत

छिंदवाड़ा जिले के आत्मनिर्भर ग्राम जमुनिया में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जैविक सब्जी, फल एवं औषधि बाजार का शुभारंभ किया गया। डीआईजी राकेश कुमार सिंह ने जमुनिया नर्सरी में केंचुआ बैंक का उद्घाटन किया और समूह की महिलाओं को बेल वाली सब्जियों के बीज भेंट किए। कार्यक्रम में जहरमुक्त भोजन, प्राकृतिक खेती और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

Oct 28, 2026 - 17:15
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छिंदवाड़ा के जमुनिया में जैविक सब्जी, फल एवं औषधि बाजार का शुभारंभ, केंचुआ बैंक की भी हुई शुरुआत

UNITED NEWS OF ASIA. वीरेंद्र यादव, छिंदवाड़ा l जिले के आत्मनिर्भर ग्राम जमुनिया में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। ग्राम में प्राकृतिक एवं जैविक सब्जियों, फलों और औषधीय उत्पादों के बाजार का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में डीआईजी राकेश कुमार सिंह और ग्रामवासियों का सहयोग रहा। इसके साथ ही जमुनिया नर्सरी में केंचुआ बैंक का उद्घाटन भी किया गया। आयोजन का उद्देश्य प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना, किसानों को जैविक उत्पादन के लिए प्रेरित करना और लोगों तक जहरमुक्त भोजन की अवधारणा पहुंचाना रहा।

कार्यक्रम के दौरान डीआईजी राकेश कुमार सिंह ने समूह की महिलाओं को बेल वाली सब्जियों के पांच प्रकार के बीज भेंट किए। उन्होंने जहरमुक्त भोजन की संकल्पना को साकार करने और घरों में पौष्टिक सब्जियों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया। प्राकृतिक और जैविक खेती के माध्यम से स्थानीय स्तर पर सब्जियों एवं फलों का उत्पादन बढ़ाने और लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।

जमुनिया नर्सरी में स्थापित केंचुआ बैंक को जैविक खेती की दिशा में एक उपयोगी पहल के रूप में देखा जा रहा है। केंचुआ आधारित जैविक खाद मिट्टी की उर्वरता सुधारने और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने में सहायक हो सकती है। प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों के लिए जैविक खाद और स्थानीय संसाधनों का उपयोग महत्वपूर्ण है। इस तरह की पहल से किसानों को पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करने में मदद मिल सकती है।

कार्यक्रम में मध्यान्ह भोजन में पोषण बढ़ाने के उद्देश्य से प्रत्येक सोमवार को मुनगा का उपयोग करने की बात भी कही गई। मुनगा पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है और भोजन में इसका समावेश बच्चों के पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक कदम है। इसके साथ ही शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को भी जैविक एवं प्राकृतिक उत्पादों के उपयोग के लिए सहयोग करने और फल तथा औषधीय पौधों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया गया।

आयोजन में ग्राम पंचायत के सरपंच सुनील चौधरी, दीपिका साहू, यशवंत असराठी, ओम पटेल, राधेश्याम साहू, सूरज माहोरे, उद्यान अधीक्षक सालक राम चौकसे सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉ. प्रदीप दुबे और नितिन सर की उपस्थिति भी रही।

कार्यक्रम का मंच संचालन प्राकृतिक एवं जैविक खेती के मास्टर ट्रेनर सुंदरलाल नागवंशी ने किया। आयोजन के अंत में प्राकृतिक खेती को आगे बढ़ाने और ग्राम के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। जमुनिया में जैविक बाजार और केंचुआ बैंक की शुरुआत को स्थानीय स्तर पर टिकाऊ खेती, पोषण और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।