बालको में सस्टेनेबिलिटी माह का समापन, 2,600 से अधिक लोगों ने लिया भाग

बालकोनगर में भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (BALCO) ने सस्टेनेबिलिटी माह 2026 का समापन किया। महीने भर चले अभियान में 2,600 से अधिक लोगों ने भाग लिया। पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण, तालाब पुनर्जीवन, कचरा प्रबंधन, जैव विविधता और स्थानीय कला को बढ़ावा देने वाली गतिविधियां आयोजित की गईं। समापन समारोह के सस्टेनेबिलिटी कार्निवल में 800 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।

Oct 28, 2026 - 17:24
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बालको में सस्टेनेबिलिटी माह का समापन, 2,600 से अधिक लोगों ने लिया भाग

UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता, बालकोनगर l भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने सस्टेनेबिलिटी माह 2026 के समापन कार्यक्रम का आयोजन किया। महीने भर चले इस अभियान में 2,600 से अधिक कर्मचारियों, बिजनेस पार्टनर्स, उनके परिवारों, विद्यार्थियों और समुदाय के सदस्यों ने भाग लिया। विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों और सामुदायिक गतिविधियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण तथा सतत विकास का संदेश दिया गया। अभियान का उद्देश्य लोगों को सस्टेनेबिलिटी को केवल एक विषय के रूप में देखने के बजाय अपने कार्य और दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करना था।

अभियान के दौरान वाड़ी पौधरोपण, तालाब पुनर्जीवन, सीड बॉल बनाने और ‘मौसम का हिसाब’ नामक नुक्कड़ नाटक जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों के जरिए पर्यावरण संरक्षण, जिम्मेदार व्यवहार और सामूहिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया गया। महीने भर की गतिविधियों का समापन सस्टेनेबिलिटी कार्निवल के साथ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर मिला।

कार्निवल में 800 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। उनके लिए कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटने, जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सीड बॉल बनाने जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। पर्यावरण, सामाजिक जिम्मेदारी और बेहतर कार्यप्रणाली से जुड़े विषयों को भी रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया। वन विभाग के सहयोग से आयोजित बागवानी जागरूकता सत्र में स्थानीय, औषधीय और अन्य उपयोगी पौधों के महत्व की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में मिट्टी के बर्तन बनाने और कोसा बुनाई जैसी पारंपरिक गतिविधियां भी शामिल रहीं। इनके माध्यम से स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक कला और टिकाऊ आजीविका के बीच संबंध को समझाया गया। कार्निवल में महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उत्पादक समूहों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई। इससे स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने, महिलाओं की आजीविका को मजबूत बनाने और पारंपरिक कला एवं संस्कृति को संरक्षित करने में सतत विकास की भूमिका सामने आई।

इस अवसर पर बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश सिंह ने कहा कि सस्टेनेबिलिटी का अर्थ आज ऐसे निर्णय लेना है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा में उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका है। विकास आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ-साथ समावेशी और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार भी होना चाहिए। बालको में सस्टेनेबिलिटी को केवल प्रक्रियाओं और लक्ष्यों तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि इसे सोच और कार्यशैली का हिस्सा बनाने का प्रयास किया जाता है।

सस्टेनेबिलिटी माह 2026 के माध्यम से बालको ने अपने संचालन और आसपास के समुदायों में सतत विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस पहल ने लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक निर्णय लेने, सामूहिक जिम्मेदारी निभाने और दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाने के लिए प्रेरित किया।