कबीरधाम में 4.63 करोड़ के गांजा तस्करी मामले का मुख्य आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में 927.645 किलोग्राम गांजा तस्करी के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी घनश्याम गुर्जर को चिल्फी पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 4 करोड़ 63 लाख रुपये और कंटेनर की कीमत 30 लाख रुपये बताई गई है। आरोपी को 12 अक्टूबर 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले में पुलिस की विवेचना जारी है।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कबीरधाम l छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में करोड़ों रुपये की गांजा तस्करी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। चिल्फी पुलिस ने 927.645 किलोग्राम गांजा तस्करी प्रकरण में फरार चल रहे मुख्य आरोपी घनश्याम गुर्जर को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 4 करोड़ 63 लाख रुपये है। तस्करी में इस्तेमाल किए गए कंटेनर वाहन की कीमत लगभग 30 लाख रुपये बताई गई है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
कबीरधाम पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार और अमित कुमार पटेल के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। पुलिस अनुविभागीय अधिकारी प्रशांत देवांगन के पर्यवेक्षण में थाना चिल्फी की टीम आरोपी की तलाश कर रही थी। लगातार पतासाजी और तकनीकी सहायता के आधार पर पुलिस ने राजस्थान पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार किया।
24 फरवरी 2026 को पकड़ा गया था गांजे से भरा कंटेनर
पुलिस के अनुसार, 24 फरवरी 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक कंटेनर वाहन में भारी मात्रा में गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर चिल्फी पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 पर नाकाबंदी कर संदिग्ध कंटेनर को रोका और उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान कंटेनर के भीतर बनाए गए गुप्त चेंबर से अलग-अलग पैकेटों में छिपाकर रखा गया गांजा बरामद हुआ।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 927.645 किलोग्राम गांजा जब्त किया। गांजा 890 पैकेटों में रखा गया था। इसकी अनुमानित कीमत 4 करोड़ 63 लाख रुपये बताई गई, जबकि गांजा परिवहन में इस्तेमाल कंटेनर वाहन को भी जब्त किया गया। इस मामले में थाना चिल्फी में अपराध क्रमांक 07/2026 दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(सी) और 29 के तहत विवेचना शुरू की गई थी।
विवेचना में सामने आया घनश्याम गुर्जर का नाम
पुलिस के मुताबिक, मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के विश्लेषण के दौरान राजस्थान निवासी घनश्याम गुर्जर की कथित संलिप्तता सामने आई। घटना के बाद से वह फरार था। उसकी तलाश में पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश दी और तकनीकी सहायता से जानकारी जुटाई। आरोपी की तलाश के लिए राजस्थान में भी पुलिस टीम भेजी गई थी।
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने 9 अक्टूबर 2026 को राजस्थान के कोटपुतली-बहरोड़ जिले के बहरोड़ सदर थाना क्षेत्र से घनश्याम गुर्जर को गिरफ्तार किया। उसे कबीरधाम लाने के लिए नियमानुसार ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया। इसके बाद चिल्फी पुलिस और कबीरधाम की ए.एन.टी.एफ. टीम ने उससे पूछताछ कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
न्यायिक रिमांड पर भेजा गया आरोपी
12 अक्टूबर 2026 को आरोपी को न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की विवेचना जारी है। इस कार्रवाई में साइबर थाना पुलिस, ए.एन.टी.एफ. टीम और थाना चिल्फी पुलिस की भूमिका रही।
कबीरधाम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मादक पदार्थों की तस्करी या अवैध परिवहन से संबंधित जानकारी मिलने पर नजदीकी थाने अथवा पुलिस को सूचित करें। पुलिस के अनुसार, नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।