प्रोजेक्ट पुनर्जीवन के तहत रायपुर में 1622 ट्री गार्ड और 362 कंक्रीट घेरे हटाए गए, पेड़ों को मिला प्राकृतिक विकास का अवसर

प्रोजेक्ट पुनर्जीवन के तहत रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के सभी 10 जोनों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान 1622 ट्री गार्ड और 362 कंक्रीट के घेरे हटाकर पेड़ों को प्राकृतिक रूप से विकसित होने का अवसर दिया गया। जिला प्रशासन ने नागरिकों से भी पौधों के संरक्षण और देखभाल में भागीदारी की अपील की है।

Aug 7, 2026 - 15:39
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प्रोजेक्ट पुनर्जीवन के तहत रायपुर में 1622 ट्री गार्ड और 362 कंक्रीट घेरे हटाए गए, पेड़ों को मिला प्राकृतिक विकास का अवसर

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट पुनर्जीवन के अंतर्गत व्यापक स्तर पर पेड़ों को प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराने का अभियान चलाया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर रायपुर जिला प्रशासन और नगर पालिक निगम ने संयुक्त रूप से इस पहल को अमल में लाते हुए शहर के सभी 10 जोनों में उन पौधों और पेड़ों की पहचान की, जो लंबे समय से ट्री गार्ड और कंक्रीट के घेरों में बंद होने के कारण प्राकृतिक रूप से विकसित नहीं हो पा रहे थे।

रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा नगर पालिक निगम आयुक्त संबित मिश्रा की निगरानी में सभी जोन कमिश्नरों ने अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण कर ऐसे पौधों को चिन्हित किया। इसके बाद पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए इन पौधों के चारों ओर लगे ट्री गार्ड और कंक्रीट के घेरे हटाने का कार्य तेज गति से शुरू किया गया।

अभियान के दौरान नगर निगम क्षेत्र में लगभग 1622 ट्री गार्ड तथा 362 स्थानों पर बने कंक्रीट के घेरों और पेवर को हटाया गया। इन अवरोधों के हटने से पेड़ों की जड़ों को मिट्टी, पानी और पोषक तत्व स्वाभाविक रूप से मिलने लगे हैं। साथ ही वर्षा का पानी सीधे जमीन में समाहित होकर पौधों तक पहुंच सकेगा, जिससे उनके स्वस्थ और प्राकृतिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

प्रशासन का मानना है कि पेड़ों के चारों ओर अत्यधिक कंक्रीट निर्माण और बंद ट्री गार्ड उनकी जड़ों के विस्तार में बाधा बनते हैं। इससे पौधों का विकास प्रभावित होता है और पर्यावरण संतुलन पर भी असर पड़ता है। इसी सोच के साथ प्रोजेक्ट पुनर्जीवन के माध्यम से शहर के हर जोन में इस अभियान को प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया गया।

नगर पालिक निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने सभी जोन कमिश्नरों को इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। अभियान की नियमित मॉनिटरिंग की गई और प्रत्येक जोन में कार्य की प्रगति की समीक्षा लगातार की जाती रही, ताकि चिन्हित सभी स्थानों पर समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा किया जा सके।

जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने राजधानी के नागरिकों से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि शहर के प्रत्येक नागरिक को अपने आसपास के पौधों और पेड़ों को पानी, खाद और आवश्यक संरक्षण देकर हरित वातावरण को मजबूत बनाने में योगदान देना चाहिए। प्रशासन का उद्देश्य केवल अवरोध हटाना ही नहीं, बल्कि जनसहभागिता के माध्यम से हर पौधे को सुरक्षित और विकसित करना भी है।

प्रशासन ने यह भी घोषणा की है कि जो नागरिक पौधों के संरक्षण और संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान देंगे, उन्हें प्रोजेक्ट पुनर्जीवन के तहत "पर्यावरण मित्र" के रूप में सम्मानित किया जाएगा। यह पहल न केवल हरित रायपुर के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, बल्कि लोगों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता बढ़ाने का भी प्रभावी माध्यम बनेगी।