प्रारंभिक जानकारी के अनुसार धनुर्जय चौहान का शव रामभाठा स्थित पुराने बस डिपो परिसर में मिला। पुलिस की शुरुआती जांच में युवक की हत्या किए जाने की आशंका सामने आई है। घटनास्थल की परिस्थितियों और शव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। हत्या की वास्तविक वजह क्या थी और वारदात किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता लगाने के लिए पुलिस आसपास के लोगों से जानकारी जुटा रही है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे नशे के दौरान हुए विवाद की आशंका जताई जा रही है। बताया जाता है कि पुराना बस डिपो परिसर लंबे समय से नशे के लिए बदनाम रहा है और वहां अक्सर नशा करने वाले लोगों के जुटने की जानकारी सामने आती रही है। इसी आधार पर पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या घटना से पहले मृतक और वहां मौजूद किसी व्यक्ति के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था।
जांच के दौरान पुलिस को वारदात में दो से तीन संदिग्धों के शामिल होने की आशंका है। हालांकि अभी तक किसी संदिग्ध की भूमिका को लेकर अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस संभावित आरोपियों की पहचान करने के साथ-साथ घटना के समय मौके पर मौजूद लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ और उपलब्ध सुरागों के आधार पर पुलिस घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।
घटना की सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस के साथ फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी यानी FSL की टीम भी मौके पर पहुंची। FSL टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और हत्या से जुड़े संभावित साक्ष्य जुटाए। घटनास्थल से मिले सुरागों को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस इन साक्ष्यों के आधार पर वारदात के तरीके और इसमें शामिल लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
फिलहाल पुलिस हत्या की वजह, मृतक के घटनास्थल तक पहुंचने और वारदात से पहले उसके संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस आसपास लगे संभावित सीसीटीवी कैमरों की जानकारी और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी पड़ताल कर सकती है। मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि हत्या की वास्तविक वजह और आरोपियों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। मामले में आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।