रायगढ़ में सुशासन की नई पहल: 4 नवंबर से हर बुधवार घरघोड़ा में बैठेंगे कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, जनदर्शन और कैंप कोर्ट से जनता को मिलेगी राहत

रायगढ़ जिले में प्रशासन को आम जनता के करीब लाने के लिए कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने नई पहल की है। 4 नवंबर से प्रत्येक बुधवार घरघोड़ा में कैंप कोर्ट, जनदर्शन और विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित होगी। इससे घरघोड़ा, धरमजयगढ़ और लैलूंगा क्षेत्र के नागरिकों को राजस्व मामलों और शिकायतों के निराकरण के लिए जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा।

Oct 17, 2026 - 07:49
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रायगढ़ में सुशासन की नई पहल: 4 नवंबर से हर बुधवार घरघोड़ा में बैठेंगे कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, जनदर्शन और कैंप कोर्ट से जनता को मिलेगी राहत

UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन की अवधारणा को धरातल पर उतारने और प्रशासनिक सेवाओं को आम नागरिकों के करीब पहुंचाने की दिशा में रायगढ़ जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्णय के अनुसार 4 नवंबर 2026 से प्रत्येक बुधवार को घरघोड़ा में कैंप कोर्ट, जनदर्शन और विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इस नई व्यवस्था से घरघोड़ा, धरमजयगढ़ और लैलूंगा क्षेत्र के हजारों नागरिकों को प्रशासनिक कार्यों के लिए जिला मुख्यालय तक लंबी दूरी तय करने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।

रायगढ़ जिले के घरघोड़ा, धरमजयगढ़ और लैलूंगा क्षेत्र के कई गांव जिला मुख्यालय से लगभग 75 से 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। इन क्षेत्रों के नागरिकों को राजस्व प्रकरणों, अपील, शिकायतों और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए रायगढ़ आना पड़ता है। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों खर्च होते हैं। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के बुजुर्गों, किसानों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने प्रशासनिक सेवाओं को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक बुधवार को घरघोड़ा में कलेक्टर का कैंप कोर्ट आयोजित होगा। इसमें घरघोड़ा, धरमजयगढ़ और लैलूंगा क्षेत्र से संबंधित प्रथम एवं द्वितीय अपील के प्रकरणों की सुनवाई की जाएगी। इससे संबंधित पक्षकारों को बार-बार जिला मुख्यालय आने की आवश्यकता कम होगी। साथ ही लंबित राजस्व मामलों की सुनवाई और निराकरण की प्रक्रिया को गति मिलने की संभावना है। स्थानीय स्तर पर सुनवाई होने से नागरिकों को अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखने में सुविधा मिलेगी।

कैंप कोर्ट के साथ जनदर्शन कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसमें आम नागरिक सीधे कलेक्टर के समक्ष अपनी समस्याएं, शिकायतें और आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। कलेक्टर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने के साथ शिकायतों के निराकरण की प्रगति की निगरानी भी करेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना और प्रशासन के प्रति नागरिकों का विश्वास मजबूत करना है।

इसके अतिरिक्त घरघोड़ा में विभागीय समीक्षा बैठक भी आयोजित होगी। बैठक में संबंधित अनुभागों और विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इस दौरान शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन, विकास कार्यों की प्रगति, लंबित प्रकरणों और विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और विकास कार्यों में आने वाली बाधाओं को दूर करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

कैंप व्यवस्था के दौरान कलेक्टर के साथ रीडर, स्टेनो और संबंधित शाखाओं के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहेंगे। इससे न्यायालयीन मामलों, जनशिकायतों और विभागीय कार्यों का संचालन एक ही स्थान पर किया जा सकेगा। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के अनुसार यह पहल संवेदनशील, जवाबदेह और प्रभावी प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन की परिकल्पना के अनुरूप शुरू की जा रही इस व्यवस्था से दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को प्रशासनिक सेवाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा। जिला प्रशासन का उद्देश्य नागरिकों के समय और खर्च की बचत करना, शासकीय कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाना और जनसमस्याओं के निराकरण को अधिक प्रभावी बनाना है।