US-ब्रिटेन तक पीएम मोदी के समर्थन में प्रदर्शन, लंदन में भारतीय समुदाय ने CJP के विरोध-प्रदर्शन पर जताई आपत्ति
भारत में तिरंगा मार्च और CJP से जुड़े विरोध-प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में विदेशों में भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। लंदन में भारतीय समुदाय के कुछ लोगों ने भारतीय उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन किया, जबकि अमेरिकी गायिका और अभिनेत्री मैरी मिलबेन ने सोशल मीडिया पर मोदी का समर्थन किया। दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की घटना के बीच यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है।
UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। भारत में तिरंगा मार्च और CJP से जुड़े विरोध-प्रदर्शनों को लेकर राजनीतिक हलचल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में विदेशों से भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। ब्रिटेन की राजधानी लंदन में भारतीय समुदाय के कुछ लोगों ने भारतीय उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री मोदी और भारत सरकार के प्रति समर्थन व्यक्त किया। वहीं, अमेरिकी गायिका और अभिनेत्री मैरी मिलबेन ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में अपनी बात रखी। इन घटनाक्रमों के बीच भारत में जारी विरोध-प्रदर्शनों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
लंदन में भारतीय समुदाय के कुछ लोगों ने कांग्रेस समर्थित NSUI और अन्य समूहों की ओर से किए जा रहे विरोध-प्रदर्शनों के जवाब में प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में अपनी आवाज उठाई। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि भारत में प्रधानमंत्री का चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत हुआ है और निर्वाचित सरकार को अपना कार्यकाल पूरा करने का अधिकार है। समर्थकों ने कहा कि वे भारत सरकार की नीतियों और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के समर्थन में एकत्र हुए हैं।
प्रदर्शन में शामिल एक व्यक्ति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत की जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से चुना है और उन्हें सत्ता में बने रहने का अधिकार है। वहीं, प्रदर्शन में शामिल एक महिला ने भारत से बाहर होने वाले राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे बयानों और गतिविधियों के संभावित प्रभावों को समझना जरूरी है। हालांकि, ये विचार प्रदर्शन में शामिल लोगों के व्यक्तिगत बयान हैं और इन्हें पूरे भारतीय समुदाय की राय नहीं माना जा सकता।
इसी बीच अमेरिकी गायिका और अभिनेत्री मैरी मिलबेन ने भी सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में पोस्ट साझा की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने भारतीय युवाओं से राजनीतिक स्थिरता के पक्ष में खड़े होने की अपील की। मैरी मिलबेन पहले भी भारत और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर अपनी प्रतिक्रियाओं को लेकर चर्चा में रही हैं। उनके इस बयान को प्रधानमंत्री मोदी के समर्थकों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
दूसरी ओर, दिल्ली में तिरंगा मार्च को लेकर शुक्रवार, 16 अक्टूबर को राजनीतिक तनाव की स्थिति बनी। उपलब्ध खबरों के अनुसार, कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने के लिए जुटने की अपील के बीच दिल्ली पुलिस ने करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। इनमें CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा के नाम भी सामने आए। बाद में नेहा बोरा को करीब 12 घंटे की हिरासत के बाद रिहा किए जाने की जानकारी दी गई, जबकि अभिजीत दीपके के मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया की बात कही गई।
इन घटनाओं ने राजनीतिक विरोध, लोकतांत्रिक अधिकारों और सार्वजनिक प्रदर्शनों को लेकर बहस को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा दिया है। एक ओर प्रधानमंत्री मोदी के समर्थक उनके नेतृत्व और सरकार की नीतियों के पक्ष में अपनी बात रख रहे हैं, तो दूसरी ओर विरोध करने वाले समूह भी अपनी राजनीतिक असहमति व्यक्त कर रहे हैं।
लोकतंत्र में समर्थन और विरोध दोनों के लिए संवैधानिक दायरे में स्थान है। ऐसे में जरूरी है कि सभी पक्षों की बात तथ्यों के आधार पर सामने आए और सार्वजनिक प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में कानून के अनुरूप कार्रवाई हो। लंदन में हुए प्रदर्शन और मैरी मिलबेन की प्रतिक्रिया ने इस राजनीतिक घटनाक्रम को अंतरराष्ट्रीय चर्चा का हिस्सा बना दिया है।