कवर्धा में 5 बैगा बच्चों की मौत पर सियासत तेज, कांग्रेस ने बनाई 7 सदस्यीय जांच टीम
कबीरधाम जिले के बैगा बहुल गांव नंदनी कुमान में पांच महीनों के भीतर पांच बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस ने मामले की जांच के लिए सात सदस्यीय टीम गठित की है, जो गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेगी और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति का जायजा लेगी। वहीं, बोड़ला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में 15 बच्चों का उपचार जारी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बच्चों की मौत के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चलेगा।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कबीरधाम जिले के बैगा बहुल गांव नंदनी कुमान में पांच महीनों के भीतर पांच बच्चों की मौत का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस घटनाक्रम की जांच के लिए सात सदस्यीय टीम गठित की है। पार्टी का आरोप है कि बच्चों की मौत के पीछे कुपोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी जैसे कारण हो सकते हैं। हालांकि, बच्चों की मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि विस्तृत जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
नंदनी कुमान गांव में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) में शामिल बैगा समुदाय के लोग निवास करते हैं। लगातार बच्चों की मौत के मामलों ने गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं, पोषण व्यवस्था और समय पर उपचार उपलब्ध कराने को लेकर चिंता बढ़ा दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फिलहाल कुपोषण से जूझ रहे 15 बैगा बच्चों का उपचार बोड़ला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में चल रहा है। यहां चिकित्सकों की निगरानी में बच्चों को आवश्यक उपचार और पोषण आहार दिया जा रहा है।
कांग्रेस की सात सदस्यीय टीम करेगी जांच
बच्चों की मौत के मामले में कांग्रेस ने जमीनी स्थिति का पता लगाने के लिए सात सदस्यीय जांच टीम बनाई है। इस टीम में दो पूर्व विधायकों के साथ जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल भी शामिल हैं। टीम जल्द ही नंदनी कुमान गांव का दौरा कर प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेगी। इसके साथ ही गांव में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, बच्चों को समय पर उपचार मिलने की स्थिति और पोषण संबंधी समस्याओं की जानकारी जुटाई जाएगी।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल के अनुसार, जांच टीम ग्रामीणों और प्रभावित परिवारों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी एकत्र करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों की मौत के मामलों में स्वास्थ्य व्यवस्था की भूमिका और संभावित लापरवाही की जांच आवश्यक है। टीम अपनी रिपोर्ट तैयार कर पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व को सौंपेगी। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी आंदोलन कर सकती है।
स्वास्थ्य विभाग कर रहा जांच
दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बच्चों की मौत के कारणों का पता चिकित्सकीय जांच के बाद ही चल सकेगा। कवर्धा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी देवेंद्र कुर्रे ने बताया कि गांव में बच्चों का टीकाकरण पहले किया जा चुका है। एहतियात के तौर पर विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। प्रभावित क्षेत्र में बच्चों के स्वास्थ्य और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं पर नजर रखी जा रही है।
बैगा बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर सवाल
बैगा समुदाय विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह की श्रेणी में आता है। ऐसे समुदायों में बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और समय पर चिकित्सा सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। नंदनी कुमान में बच्चों की मौत के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रभावित परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाएं समय पर पहुंचीं और क्या बच्चों की बीमारी की पहचान तथा उपचार में कोई देरी हुई।
फिलहाल मामले में जांच जारी है और मौतों के कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है। अब ग्रामीणों और प्रभावित परिवारों को स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट तथा कांग्रेस की प्रस्तावित जांच के नतीजों का इंतजार है। जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चों की मौत किन कारणों से हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किन कदमों की आवश्यकता है।