प्लाटपारा में निको माइंस के ट्रकों की पार्किंग पर ग्रामीणों का विरोध, बोले- गांव में नहीं होगी पार्किंग

नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर के आश्रित ग्राम प्लाटपारा में निको माइंस कंपनी के ट्रकों की पार्किंग और गंदगी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रक चालकों द्वारा खेतों में शौच करने और आसपास गंदगी फैलाने से किसानों को परेशानी हो रही है। बैठक में ग्रामीणों ने गांव से बाहर ट्रकों के लिए पार्किंग, ड्राइवरों के लिए शौचालय और पेयजल की व्यवस्था की मांग रखी। कंपनी का कोई प्रतिनिधि बैठक में नहीं पहुंचा, जिसके बाद बुधवार को निर्णायक बैठक बुलाने का फैसला लिया गया।

Sep 14, 2026 - 08:16
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प्लाटपारा में निको माइंस के ट्रकों की पार्किंग पर ग्रामीणों का विरोध, बोले- गांव में नहीं होगी पार्किंग

UNITED NEWS OF ASIA. संतोष मजुमदार, नारायणपुर l ग्राम पंचायत छोटेडोंगर के आश्रित ग्राम प्लाटपारा में निको माइंस कंपनी के ट्रकों की पार्किंग और गंदगी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर रविवार को ग्रामीणों की दूसरी बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीणों ने गांव की बस्ती और खेतों के आसपास ट्रकों के खड़े होने से होने वाली परेशानियों को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि अब गांव के भीतर ट्रकों की पार्किंग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में थाना प्रभारी हरि शंकर ध्रुव, जिला पंचायत सदस्य राकेश उसेंडी, छोटेडोंगर सरपंच संध्या पवार, बड़गांव सरपंच लखेश्वर गावड़े, मां दंतेश्वरी समिति के सचिव लक्की कृष्णन सहित पंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने निको माइंस के ट्रकों की आवाजाही और उनके गांव के अंदर-बाहर खड़े होने से उत्पन्न समस्याओं पर चर्चा की। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने कंपनी से इन समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने की मांग की।

ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रक चालकों द्वारा खेतों में शौच करने और आसपास कचरा व गंदगी फैलाने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में काम करने के दौरान किसानों और महिलाओं को अस्वच्छता के बीच काम करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि ट्रकों की आवाजाही के साथ यदि चालकों के लिए मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की गई तो गांव और कृषि क्षेत्र में परेशानी आगे भी बनी रहेगी।

ग्रामीणों ने बैठक में दो टूक फैसला लिया कि गांव की बस्ती और खेतों के आसपास ट्रकों की पार्किंग नहीं होने दी जाएगी। उनका कहना है कि निको माइंस कंपनी को गांव से बाहर अपने ट्रकों के लिए अलग पार्किंग स्थल की व्यवस्था करनी चाहिए। इसके साथ ही ट्रक चालकों के लिए शौचालय और पीने के पानी की सुविधा भी कंपनी को उपलब्ध करानी होगी। ग्रामीणों के मुताबिक इन व्यवस्थाओं से गांव और खेतों में गंदगी की समस्या को कम किया जा सकता है।

बैठक में निको माइंस कंपनी का कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं था। इसके कारण ग्रामीणों की मांगों पर कंपनी की ओर से कोई जवाब या समाधान सामने नहीं आ सका। इसी वजह से बैठक में अंतिम निर्णय नहीं हो सका। अब इस मुद्दे पर बुधवार को एक और बड़ी बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इस बैठक को ग्रामीणों और कंपनी के बीच समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बुधवार को होने वाली बैठक में क्षेत्र की सात पंचायतों के सरपंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, निको माइंस प्रबंधन, मां दंतेश्वरी समिति और परिवहन समिति नारायणपुर के प्रतिनिधियों को शामिल किए जाने की बात कही गई है। बैठक में ट्रकों की पार्किंग, ड्राइवरों के लिए मूलभूत सुविधाओं और किसानों की समस्याओं पर चर्चा की जाएगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित पक्षों की मौजूदगी में स्थायी समाधान की दिशा में निर्णय लिया जा सकेगा।

जिला पंचायत सदस्य राकेश उसेंडी ने कहा कि किसानों की समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और कंपनी को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। उन्होंने कहा कि गांव के अंदर ट्रकों की पार्किंग किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी। वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बुधवार की बैठक में स्थायी समाधान नहीं निकलता है तो जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। फिलहाल सभी की नजर बुधवार को होने वाली निर्णायक बैठक पर है।