PDS में राशन की कमी और बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर दीपक बैज ने सरकार पर साधा निशाना
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में राशन की कथित कमी और प्रदेश में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई राशन दुकानों में अगस्त का राशन नहीं पहुंचा है और वनांचल क्षेत्रों में शक्कर, चना तथा गुड़ की आपूर्ति प्रभावित है। बैज ने पिछले कुछ दिनों में वन्यजीवों के हमलों में लोगों की मौतों का उल्लेख करते हुए जंगलों की कटाई और खनिज संसाधनों के असंतुलित दोहन को मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ने का कारण बताया और सरकार से प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS में राशन की कथित कमी और प्रदेश में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की कई राशन दुकानों में अगस्त माह का राशन अब तक नहीं पहुंचा है और हितग्राहियों को राशन के लिए भटकना पड़ रहा है।
दीपक बैज ने दावा किया कि भंडारण की कमी के कारण लगभग आधी राशन दुकानों में अगस्त का राशन नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने कहा कि आवंटन कागजों तक सीमित रहने से हितग्राहियों को वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने विशेष रूप से शक्कर की उपलब्धता को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि कई स्थानों पर हितग्राहियों को शक्कर नहीं मिल रही है और उन्हें बाजार से अधिक कीमत पर खरीदना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बस्तर और सरगुजा जैसे वनांचल तथा ग्रामीण क्षेत्रों में चना और गुड़ का आवंटन भी लंबे समय से प्रभावित है। बैज ने कहा कि PDS जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था में नियमित आपूर्ति और पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और नियमित निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने डिजिटल PDS व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑनलाइन ई-पॉस सिस्टम और संबंधित ऐप में स्टॉक तथा सामग्री से जुड़ी जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं होने के कारण वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने सरकार से राशन की उपलब्धता और वितरण की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की।
मानव-वन्यजीव संघर्ष पर सरकार को घेरा
दीपक बैज ने प्रदेश में हाल के दिनों में सामने आए वन्यजीव हमलों का उल्लेख करते हुए मानव-वन्यजीव संघर्ष पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच दिनों में छह लोगों की जान गई है। उन्होंने पखांजूर के परलकोट क्षेत्र में बाघ के हमले में ग्रामीण की मौत और सूरजपुर जिले के प्रतापपुर वन क्षेत्र में हाथी के हमले में ग्रामीण की मौत का उल्लेख किया।
उन्होंने कांकेर के मरकाटोला में भालू के हमले से लोगों की मौत का भी जिक्र किया। बैज ने कहा कि लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष की गंभीर स्थिति को दर्शाती हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जंगलों की कटाई और खनिज संसाधनों के असंतुलित दोहन से वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है, जिसके कारण मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे जहां इंसानी जानें जा रही हैं, वहीं वन्यजीवों के लिए भी परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण बन रही हैं।
दीपक बैज ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि विकास और संसाधनों के उपयोग के साथ पर्यावरण संरक्षण तथा मानव और वन्यजीवों की सुरक्षा को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से राशन वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाने, PDS में पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने और वन्यजीव हमलों को रोकने के लिए प्रभावी एवं दीर्घकालिक उपाय करने की मांग की।