NEET पेपर लीक पर कांग्रेस का हमला, चरणदास महंत बोले- छात्रों का भविष्य खतरे में

रायपुर में कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने NEET पेपर लीक को राष्ट्रीय संकट बताते हुए केंद्र सरकार पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाया। उन्होंने पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था, दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित छात्रों को मुआवजा देने की मांग की।

Jul 19, 2026 - 13:47
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NEET पेपर लीक पर कांग्रेस का हमला, चरणदास महंत बोले- छात्रों का भविष्य खतरे में

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l NEET पेपर लीक और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 से अब तक देश में 152 पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे लगभग 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए हैं।

चरणदास महंत ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देश पर देशभर में "छात्रों की गूंज" अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार छात्रों की आवाज बुलंद कर रहे हैं और कांग्रेस इस मुद्दे को देशभर में छात्रों के बीच लेकर जाएगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि एक संगठित अपराध का रूप ले चुका है। उनका कहना था कि लाखों छात्र वर्षों तक कठिन परिश्रम कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं से उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। इससे छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ता है और कई मामलों में गंभीर मानसिक तनाव की स्थिति भी उत्पन्न होती है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में महंत ने कहा कि देश में लगभग 9 करोड़ युवा केवल 6 लाख सरकारी नौकरियों के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। ऐसे में यदि परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं, तो युवाओं का व्यवस्था से भरोसा कमजोर होता है।

कांग्रेस ने केंद्र सरकार से मांग की कि सभी भर्ती और प्रवेश परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की जाएं। पार्टी ने पेपर लीक के मामलों की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित परीक्षाओं को दोबारा कराने की मांग भी उठाई।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था के राजनीतिकरण पर भी सवाल उठाए। पार्टी ने RSS पृष्ठभूमि वाले कुलपतियों की नियुक्तियां रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में योग्यता और निष्पक्षता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

कांग्रेस ने पेपर लीक से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को उचित मुआवजा देने की भी मांग की। पार्टी का कहना है कि परीक्षा में हुई गड़बड़ियों का मानसिक, आर्थिक और सामाजिक प्रभाव छात्रों एवं उनके परिवारों पर पड़ता है, इसलिए सरकार को उनकी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।

चरणदास महंत ने कहा कि कांग्रेस आने वाले समय में देशभर में छात्रों के बीच पहुंचकर इस मुद्दे पर व्यापक जनजागरण अभियान चलाएगी और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग को और मजबूती से उठाएगी। उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।