नारायणपुर में साइबर सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण पर जागरूकता कार्यक्रम, छात्राओं को बताए सुरक्षा के उपाय
नारायणपुर के वीरांगना रमोतिन आर्देश माड़िया शासकीय कन्या महाविद्यालय में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत साइबर सुरक्षा एवं महिला सशक्तिकरण पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। छात्राओं को महिला अधिकारों, लैंगिक समानता, सुरक्षित सोशल मीडिया उपयोग, ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताए गए।
UNITED NEWS OF ASIA. संतोष मजुमदार, नारायणपुर l वीरांगना रमोतिन आर्देश माड़िया शासकीय कन्या महाविद्यालय, नारायणपुर में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत साइबर सुरक्षा एवं महिला सशक्तिकरण विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के साथ महिला अधिकारों और सशक्तिकरण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराना था।
कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर नम्रता जैन के आदेश और जिला कार्यक्रम अधिकारी लुपेंद्र महिनाग के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस विभाग के साइबर सेल के संयुक्त समन्वय से किया गया।
कार्यक्रम में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना एवं मिशन शक्ति के अंतर्गत जेंडर विशेषज्ञ वीणा नेताम ने छात्राओं को महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता, बालिकाओं की शिक्षा और महिलाओं के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों की जानकारी दी।
उन्होंने छात्राओं को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं और महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए तथा समाज में अपनी भूमिका को समझते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग के साइबर सेल के अधिकारियों ने छात्राओं को साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। डीएसपी अजय सिंह और साइबर सेल के नोडल अधिकारी आशीष नेताम ने सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर छात्राओं को जागरूक किया।
उन्होंने बताया कि अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए। किसी भी व्यक्ति के साथ OTP, बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। अधिकारियों ने फर्जी कॉल, ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया के जरिए होने वाले साइबर अपराधों से सावधान रहने की सलाह दी।
छात्राओं को यह भी बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर अपराध की घटना होती है तो बिना देरी किए संबंधित माध्यम से शिकायत दर्ज करानी चाहिए। साइबर अपराध के मामलों में समय पर शिकायत करना महत्वपूर्ण है, इसलिए घटना के बाद घबराने के बजाय तत्काल उचित कदम उठाने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम में छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने, आत्मनिर्भर बनने और डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। छात्राओं ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की और साइबर सुरक्षा तथा महिला सशक्तिकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं और युवतियों को जागरूक, सशक्त और सुरक्षित बनाना रहा। विशेष रूप से छात्राओं को डिजिटल दुनिया में मौजूद संभावित खतरों से सावधान रहने और साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य बी.डी. चाडक, व्याख्याता निहारिका शोरी, आरक्षक राजू बघेल, चंद्रप्रभा, प्रीति सिन्हा सहित बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।